
RANCHI. स्त्री एवं प्रसूति विभाग की पीजी की छात्रा वेंटिलेटर से बाहर आ गयी है. क्रिटिकल केयर विभागाध्यक्ष डॉ प्रदीप भट्टाचार्य और उनकी टीम ने छात्रा को दवा का डोज कम कर (नींद में सुलाने की दवा) वेंटिलेटर सपोर्ट से हटाया. इसके कुछ घंटों बाद छात्रा डॉक्टर व परिजनों से बातचीत करना शुरू कर दी. हालांकि, अभी ज्यादा बातचीत करने से डॉक्टरों ने मना किया है.
छात्रा की स्थिति पहले से बेहतर है. वहीं, जांच के लिए गठित टीम भी अब अपने स्तर से जांच शुरू करेगी. बता दें कि 21 अगस्त की रात 11:00 बजे कैंटीन से चाय मंगाने कर पीने के बाद छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गयी थी. आनन-फानन में छात्रा को क्रिटिकल केयर आइसीयू में भर्ती कराया गया था. छात्रा की स्थिति को देखते हुए उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था.
ठीक करने के लिए विषाक्त पदार्थ खाने के बाद जो दवा दी जाती है, उसको चलाकर इलाज किया जा रहा था. इधर, रिम्स में संचालित दोनों कैटीन (आर्थो वार्ड और पेइंग वार्ड के पास) को बंद करा दिया गया था. बरियातू पुलिस की देखरेख में कैंटीन को सील कर दिया गया है. छात्रा के होश में आने के बाद अब चाय पीने के बाद तबीयत बिगड़ने का रहस्य भी खुल सकता है.
