
Jamshedpur. एनआईटी में 15वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि एनाइटी के विद्यार्थी विकसित भारत बनाने में अहम योगदान देंगे. उन्होंने कहा कि टाटा ने औद्योगिक विकास के साथ यहाँ नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी. रतन टाटा का भी याद किया. उन्होंने कहा कि रतन टाटा ने टाटा के मूल्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया. उन्होंने कहा कि दीक्षांत में डिग्री पा रहे विद्यार्थी भविष्य में भारत को गढ़ने में अहम योगदान देंगे. उन्होंने कहा कि देश तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा और विकसित भारत बनने की और बढ़ रहा है. इसमें तकनीकी संस्थानों योगदान अहम है. इसमें एनआईटी के छात्र भी अहम योगदान देंगे.
राष्ट्रपति जनजातीय उत्थान की जीवंत उदाहरण है
करनडीह स्थित दिशोम जाहेरथान प्रांगण में आयोजित ऑल इंडिया संताली राइटर्स एसोसिएशन और दिशोम जाहेरथान कमेटी के 22वें संताली परसी माहा एवं ओलचिकी शताब्दी समारोह में राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि यह सिर्फ एक आम उत्सव नहीं बल्कि संस्कृति के जीवंत होने का परिचायक है. राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रपति जनजातीय उत्थान की जीवंत उदाहरण है. कहा की राष्ट्रपति की जीवन यात्रा सबके लिए प्रेरणादायक है. राज्यपाल ने कहा कि जमशेदपुर सांप्रदायिक सौहरद्र और सांस्कृतिक एकता का उदाहरण है.
अटल बिहारी बाजपेयी की नेतृत्व वाली सरकार ने 2003 में संताली को आठवीं अनुसूची में शामिल किया गय. उस समय मैं भी अटल सरकार में मंत्री था. उन्होंने रघुनाथ मुर्मू के योगदान पर चर्चा की. ओलचिकी सिर्फ लिपि नहीं सांस्कृतिक विरासत और पहचान है. कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के विकसित भारत में जनजातीय विकास एवं विरासत पर सतत काम किए जा रहे हैं.
