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SARAIKELA-KHARSAWA NEWS :गम्हरिया PHC में डाक विभाग के उत्पादों पर जागरूकता सत्र, स्वास्थ्य कर्मियों ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी

सरायकेला-खऱसावा।

गम्हरिया स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में बुधवार को डाक विभाग द्वारा एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. क्रिस्टोफर बेसरा के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को डाक विभाग की विभिन्न वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी प्रदान करना था।

80 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों ने लिया भाग

इस महत्वपूर्ण सत्र में लगभग 80 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (CHOs) ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान डाक विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों को विभिन्न बचत योजनाओं, निवेश विकल्पों और जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। ग्रामीण क्षेत्रों में आम लोगों तक इन योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका पर भी विशेष चर्चा की गई।

डॉक्टरों और WHO अधिकारियों की रही मौजूदगी

सत्र की विशेष बात यह रही कि इसमें चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ-साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अधिकारियों ने भी भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने डाक विभाग की योजनाओं को गंभीरता से समझा और उनके सामाजिक महत्व पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य और वित्तीय जागरूकता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।

सुकन्या समृद्धि योजना को लेकर दिखी विशेष रुचि

जागरूकता सत्र के दौरान प्रश्नोत्तर कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्वास्थ्य कर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विशेष रूप से सुकन्या समृद्धि योजना (SSA) को लेकर कई सवाल पूछे गए। डाक विभाग के प्रतिनिधियों ने योजना से जुड़ी सभी जिज्ञासाओं का विस्तार से समाधान किया और इसके लाभों की जानकारी दी।

ग्रामीण विकास में बनेगा सहयोग का नया मॉडल

ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि डाक विभाग की योजनाएं आम लोगों के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। कई स्वास्थ्य कर्मियों ने अपने कार्यक्षेत्र में अधिक से अधिक सुकन्या समृद्धि खाते खुलवाने के लिए स्वैच्छिक सहयोग देने की भी सहमति जताई।

कार्यक्रम के अंत में यह विश्वास व्यक्त किया गया कि स्वास्थ्य विभाग और डाक विभाग के बीच स्थापित यह समन्वय ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाने, बचत को प्रोत्साहित करने और सामाजिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पहल भविष्य में ग्रामीण विकास के लिए एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर सकती है।

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