
सरायकेला-खरसावा।
जिले में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अंतर्गत धान अधिप्राप्ति कार्यों को लेकर आज उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी सहित सभी संबंधित प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अब तक की खरीद और किसान पंजीकरण की स्थिति
बैठक के दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने जानकारी दी कि निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 909 किसानों से कुल 52,504.72 क्विंटल धान की अधिप्राप्ति की जा चुकी है। वहीं जिले में कुल 7,217 सक्रिय किसान पंजीकृत हैं। उपायुक्त ने किसान पंजीकरण में और वृद्धि लाने पर विशेष जोर दिया तथा इनेक्टिव किसानों को पुनः सक्रिय करने के निर्देश दिए।
लंबित भुगतान पर सख्त निर्देश
उपायुक्त ने धान विक्रय के बाद किसानों को किए जाने वाले भुगतान की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि 48 घंटे के भीतर भुगतान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लंबित भुगतानों को शीघ्र निपटाने और किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने की बात कही।
लैम्प्सवार समीक्षा और जवाबदेही तय
समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने प्रखंडवार एवं लैम्प्सवार धान अधिप्राप्ति गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर लक्ष्य के अनुरूप खरीद, धान का ससमय उठाव तथा पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। साथ ही संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों की स्पष्ट जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।
एडवांस सीएमआर और समन्वय पर जोर
उपायुक्त ने एडवांस सीएमआर (Custom Milled Rice) के जनरेशन एवं प्राप्ति की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने को कहा गया, ताकि किसानों का धान बिना बाधा के लैम्प्स में विक्रय हो सके।
गोदाम क्षमता और पारदर्शिता पर फोकस
बैठक में गोदाम क्षमता बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सरकारी भवनों की पहचान कर विभाग को सूची भेजने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने दस्तावेजों के समयबद्ध संधारण, डेटा के नियमित अद्यतन और सतत अनुश्रवण के माध्यम से धान अधिप्राप्ति कार्य को प्रभावी, पारदर्शी और लक्ष्य आधारित बनाने पर बल दिया।
किसानों का हित सर्वोपरि: उपायुक्त
अंत में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि धान अधिप्राप्ति कार्य में किसानों के हित सर्वोपरि हैं। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से सभी प्रक्रियाओं को पूरा किया जाए।
