
Jamshedpur. आजसू नेता हरेलाल महतो समेत नौ आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है. नीमडीह के बामनी में चड़क पूजा के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प के मामले में चार साल बाद यह फैसला आया है. मंगलवार को सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया. एडीजे सचिन्द्रनाथ सिन्हा की अदालत ने अंतिम फैसला सुनाते हुए आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो समेत नौ आरोपियों को बरी कर दिया.
यह घटना 23 अप्रैल 2021 को बामनी गांव में हुई थी, जब चड़क पूजा का आयोजन किया जा रहा था. उस समय कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन लागू था. ग्रामीण अपनी परंपरा का पालन करते हुए पूजा कर रहे थे, तभी नीमडीह पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हुई. नीमडीह के तत्कालीन बीडीओ मुकेश कुमार की लिखित शिकायत पर नीमडीह पुलिस ने आजसू नेता हरेलाल महतो समेत 41 लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी. इसमें हरेलाल महतो समेत 10 ग्रामीणों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. आजसू नेता हरेलाल महतो पर आरोप लगा था कि उनके कहने पर ग्रामीणों ने तत्कालीन थाना प्रभारी अली अकबर खान समेत पुलिस बल पर जानलेवा हमला कर दिया था.इस मामले में न्यायालय के निर्णय ने सभी आरोपियों को राहत प्रदान की है.
