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Saryu Rai: स्वास्थ्य विभाग में घोटालेबाजों के सिंडिकेट का होगा भंडाफोड़, निजी सचिव जो बोलते थे, बन्ना वही करते थे, ED के छापा पर बोले सरयू राय

Jamshedpur. झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के निजी सचिव के ठिकाने पर छापामारी की गयी है. इस मामले में जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आयुष्मान घोटाले के मामले में उन्होंने कई बार आवाज उठायी. तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्रालय और उससे जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है. जमशेदपुर में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के निजी सचिव के ठिकाने पर कार्रवाई मामले में जमशेदपुर पश्चिमी के जदयू विधायक ने कहा कि उन्होंने इसे विधानसभा सभा सत्र में भी उठाया था. उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार में झारखंड स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े लोग भी जांच के दायरे में हैं. जेडीयू विधायक ने कहा कि कोरोना काल में आयुष्मान योजना में सबसे अधिक घोटाला हुआ है.

झारखंड में आयुष्मान घोटाले को लेकर इडी का छापा चौंकाने वाला नहीं है. इसकी लंबे समय से प्रतीक्षा थी. स्वास्थ्य विभाग में पांच साल तक जो हुआ है, उस तक अगर इडी नहीं पहुंचेगी तो यह बड़ा मसला नहीं बनेगा. हालांकि इडी की छापामारी पर कोई भी टिप्पणी अनुचित है, लेकिन उम्मीद है कि स्वास्थ्य विभाग में घोटालेबाजों का जो सिंडिकेट था, उसका भंडाफोड़ होगा. उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा है कि वास्तव में पिछले पांच वर्षों में स्वास्थ्य विभाग में घोटालेबाजों का एक सिंडिकेट बना हुआ है. जिसमें मंत्री, उनके सचिव, स्वास्थ्य विभाग के कुछ अफसर, जमशेदपुर के कुछ बिजनेसमैन, कुछ डॉक्टर व अस्पताल भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के निजी सचिव रहे ओम प्रकाश सिंह उर्फ गुड्डू के निवास स्थान पर छापेमारी हुई है. स्वास्थ्य विभाग में एक धारणा बनी थी कि ओम प्रकाश सिंह जो कहते हैं, वही बन्ना गुप्ता करते हैं. ओम प्रकाश सिंह का आदेश स्वास्थ्य विभाग में अनधिकृत रूप से चलता था. उन्होंने एक गैंग बना लिया था.

श्री राय ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की गड़बड़ियों को लेकर कई बार विधानसभा में मामला उठाया. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. जांच कमेटी बन गयी, लेकिन जांच नहीं हुई. इसके खिलाफ आवाज उठायी, तो उनके ही खिलाफ चार-पांच केस दर्ज कर दिये गये. इनमें से दो-तीन मुकदमों में ओम प्रकाश सिंह गवाह हैं. जदयू विधायक ने कहा कि कोरोना काल से ही आयुष्मान में गड़बड़ी की बातें सामने आ रही थीं. इसमें जमशेदपुर के कुछ डॉक्टर और कुछ अस्पताल फर्जीवाड़ा कर रहे थे.

सरयू राय ने कहा कि झारखंड में आयुष्मान का अभी भी 40 करोड़ का बिल बकाया है. तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री के कार्यकाल में कई ऐसे फर्जी अस्पताल हैं जो रजिस्टर्ड हो गये हैं. जबकि कई ऐसे अस्पताल हैं जिनके द्वारा आयुष्मान लाभ के लिए फर्जी बिल बनाया गया. उन्होंने बताया कि सरकार का मंत्रालय और सचिवालय इसमें शामिल हैं. जांच पूरी होने के बाद सच सामने आ जायेगा. उन्होंने कहा कि एजेंसियों के पास इसके पुख्ता सबूत हैं तभी यह कार्रवाई हुई है.

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