
सरायकेला-खरसावाँ।
जिला के समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नाबार्ड के डीडीएम, जिला पशुपालन पदाधिकारी, गव्य विकास पदाधिकारी, कृषि एवं मत्स्य विभाग के अधिकारी, सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान सहकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं, लैम्प्स समितियों के कार्यों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
लैम्प्स समितियों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने पर जोर
उपायुक्त ने 54 लैम्प्स समितियों को ऑनलाइन सेवाओं से जोड़ने के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि समितियों के माध्यम से आम लोगों को सभी सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि शेष लैम्प्स समितियों को भी चरणबद्ध तरीके से डिजिटल सेवाओं से जोड़ा जाए। इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और आधारभूत सुविधाएं विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।
किसानों और ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ
बैठक में उपायुक्त ने सदस्यता अभियान चलाकर अधिक से अधिक किसानों और ग्रामीण परिवारों को सहकारिता समितियों से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सहकारिता समितियों के माध्यम से किसानों को खाद-बीज वितरण, ऋण सुविधा, जन वितरण प्रणाली और कृषि आधारित सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में जनोपयोगी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
नियमित मॉनिटरिंग और पारदर्शिता के निर्देश
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने अधिकारियों को ऑनलाइन सेवाओं के प्रभावी संचालन के लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समितियों के नियमित निरीक्षण, अभिलेखों के संधारण और वित्तीय पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
साथ ही शिकायतों के त्वरित निष्पादन और लाभुकों को योजनाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
ग्रामीण विकास में सहकारिता समितियों की भूमिका अहम
बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि सहकारिता संस्थाओं की ग्रामीण स्तर पर सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर जनसेवा आधारित कार्यों को बढ़ावा दिया जाए। उपायुक्त ने कहा कि लैम्प्स समितियों को ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रभावी माध्यम के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सहकारिता योजनाओं और सेवाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
