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SERAIKELA NEWS: सरायकेला के कुचाई में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, 4 अवैध शराब भट्टियां ध्वस्त, 1300 किलो महुआ नष्ट

सरायकेला-खरसावां।

जिले में अवैध शराब के खिलाफ जिला प्रशासन और उत्पाद विभाग ने एक बार फिर कड़ा प्रहार किया है। जिले में अवैध शराब के विनिर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह से प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 4 जून 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर कुचाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जिलिंग्दा में उत्पाद विभाग की टीम ने अचानक सघन छापेमारी की। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके के शराब माफियाओं में भारी हड़कंप मच गया।

1300 किलो जावा महुआ और 4 अवैध भट्टियां की गईं ध्वस्त

उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने पक्की आसूचना संकलन (Intelligence Gathering) के आधार पर यह अचूक कार्रवाई की। इस विशेष अभियान के दौरान गांव के जंगली और छुपे हुए इलाकों में संचालित हो रही 4 अवैध चुलाई भट्टियों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।

मौके से छापेमारी टीम ने:

इतनी बड़ी मात्रा में कच्चे माल की बरामदगी से यह साफ हो गया कि वहां बड़े पैमाने पर शराब बनाने का अवैध कारोबार चल रहा था। बरामद किए गए सभी अवैध उत्पादों को विभाग ने विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत मौके पर ही जप्त कर नष्ट कर दिया।

संचालकों पर झारखंड उत्पाद अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज

छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने अवैध चुलाई अड्डों को चिन्हित कर लिया है। इन अड्डों को चलाने वाले माफियाओं और संचालकों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन सभी आरोपियों के विरुद्ध ‘झारखंड उत्पाद अधिनियम’ (Jharkhand Excise Act) की सुसंगत और कठोर धाराओं के अंतर्गत नामजद अभियोग (FIR) दर्ज करने की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रशासन की दोटूक: जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन ने कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन, भंडारण और बिक्री में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि भविष्य में भी इसी तरह निरंतर और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब का कारोबार न केवल एक गंभीर कानूनी अपराध है, बल्कि इससे आम जनता के स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सार्वजनिक विधि-व्यवस्था पर भी बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे ऐसे अवैध कारोबार की सूचना तुरंत पुलिस या उत्पाद विभाग को दें, ताकि जिले को नशामुक्त बनाया जा सके।

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