
सरायकेला: जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और यातायात की समस्या को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सख्त हो गया है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की एक अहम मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, यातायात अनुशासन को सुदृढ़ करना और आधारभूत सुरक्षा उपायों को समयबद्ध तरीके से लागू करना था। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े और समन्वित कदम उठाए जाएं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) गिरिजा शंकर महतो, सरायकेला और चांडिल के अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) और यातायात निरीक्षक सहित अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
मार्च महीने में 20 लोगों ने गंवाई जान, ब्लैक स्पॉट सुधारने के कड़े निर्देश
बैठक के दौरान पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो ने सड़क हादसों का एक चिंताजनक आंकड़ा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि केवल मार्च 2026 में सरायकेला-खरसावां जिले के अंतर्गत कुल 22 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन भीषण दुर्घटनाओं में 20 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि 12 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
इस रिपोर्ट पर उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभागीय पदाधिकारियों और कार्यपालक अभियंताओं को आपसी समन्वय स्थापित कर ठोस सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) पर तत्काल चेतावनी संकेतक (Warning Signs), स्पीड ब्रेकर, टर्निंग पॉइंट संकेत, जिग-जैग रोड बैरिकेडिंग, ज़ेब्रा क्रॉसिंग और स्ट्रीट लाइट की स्थापना एवं मरम्मत के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करने का आदेश दिया गया है।
आदित्यपुर में भारी वाहनों की ‘नो एंट्री’ पर प्रशासन हुआ सख्त
औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में यातायात का दबाव एक बड़ी समस्या बन चुका है। बैठक में यातायात निरीक्षक राजू ने अवगत कराया कि आदित्यपुर में शाम 5:00 बजे से लेकर रात 9:00 बजे के बीच गाड़ियों का भारी दबाव रहता है। ड्यूटी से छूटने वाले कर्मचारियों और आम नागरिकों की भीड़ के कारण अक्सर जाम की स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे यातायात संचालन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इस समस्या के समाधान के लिए यातायात निरीक्षक ने उक्त समयावधि में बड़े और भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध (No Entry) लागू करने का महत्वपूर्ण सुझाव दिया। इस पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने महाप्रबंधक (जिला उद्योग केंद्र), जिला परिवहन पदाधिकारी और यातायात निरीक्षक को विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ एक समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया है। इसके तहत सभी को सूचनाओं का आदान-प्रदान कर नियमानुसार ‘नो एंट्री’ लागू करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, जिन सड़कों पर पहले से ही भारी वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित है, वहां नियमित निगरानी कर सख्त प्रवर्तन (Enforcement) कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
सड़क और पुलिया निर्माण में तेजी लाने का अल्टीमेटम
यातायात को सुगम बनाने के लिए आधारभूत संरचनाओं का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है। इसे ध्यान में रखते हुए बैठक में विभिन्न मार्गों पर निर्माणाधीन सड़कों और पुलिया निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित कार्यपालक अभियंताओं एवं निर्माण एजेंसियों को सख्त अल्टीमेटम दिया है कि सभी अटके हुए निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाएं। खराब सड़कों के कारण भी दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को समन्वित रूप से क्रियान्वित करने का निर्देश दिया, ताकि सरायकेला जिले में एक सुरक्षित यातायात वातावरण स्थापित किया जा सके और सड़क हादसों पर प्रभावी रूप से लगाम लगाई जा सके।
