
कार्यक्रम में नशामुक्ति संबंधी हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहियाओं ने भाग लिया। उपस्थित सभी लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई।
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि मादक पदार्थों का बढ़ता दुरुपयोग समाज और विशेष रूप से युवाओं के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल प्रशासन के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने कहा कि नशे का दुष्प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं एवं सामुदायिक स्तर पर कार्यरत कर्मियों से लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की अपील की।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर ने बताया कि जागरूकता रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों, ग्रामीण क्षेत्रों एवं शैक्षणिक संस्थानों का भ्रमण कर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों और नशामुक्त जीवन के महत्व के बारे में जागरूक करेगा। अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मचारी, जेएसएलपीएस के प्रतिनिधि, आंगनबाड़ी सेविकाएं, सहियाएं एवं अन्य संबंधित लोग उपस्थित थे।