
Mumbai. वायदा सौदों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) बढ़ाने का बजट में प्रस्ताव रखे जाने के बाद रविवार को घरेलू शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,547 अंक लुढ़क गया जबकि निफ्टी 495 अंक टूटकर बंद हुआ। विश्लेषकों ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण में वायदा एवं विकल्प खंड में एसटीटी को बढ़ाने का ऐलान बाजार को पसंद नहीं आया और यह बहुत तेजी से नीचे चला गया।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती बढ़त गंवाते हुए दोपहर के कारोबार में 2,370.36 अंक यानी 2.88 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 80,000 अंक के अहम स्तर से भी नीचे फिसलकर 79,899.42 अंक पर आ गया था। हालांकि, बाद में सेंसेक्स थोड़े सुधार के साथ 1,546.84 अंक यानी 1.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,722.94 अंक पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मानक सूचकांक निफ्टी भी 495.20 अंक यानी 1.96 प्रतिशत गिरकर 24,825.45 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 748.9 अंक यानी 2.95 प्रतिशत लुढ़ककर 24,571.75 अंक के निचले स्तर तक चला गया।
इस बड़ी गिरावट के लिए बजट भाषण में वायदा कारोबार पर एसटीटी की दर 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने की घोषणा को जिम्मेदार माना गया। अगले वित्त वर्ष के लिए केंद्रीय बजट पेश किए जाने के कारण रविवार होने के बावजूद शेयर बाजारों में सामान्य कारोबार हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के शेयर में सर्वाधिक 5.61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि अदाणी पोर्ट्स में 5.53 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटीसी, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी प्रमुख रूप से गिरावट दर्ज की गई। दूसरी तरफ, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस, सन फार्मा और टाइटन के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
