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Sravni Mela Devghar: ‘श्रावणी’ मेले के लिए एआई-आधारित ड्रोन, कैमरे और 11,500 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे

Devghar. झारखंड के देवघर और दुमका जिलों में 30 जुलाई से शुरू होने वाले एक माह के श्रावणी मेले के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित ड्रोन, फेस रिकग्निशन कैमरों और 11,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती सहित हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, हर वर्ष इस मेले में 35 से 40 लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रावण मास के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और दुमका के बाबा बासुकीनाथ धाम में पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने बताया कि देवघर शहर और उसके आसपास 100 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं तथा हजारों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर परिसर और उसके आसपास एआई आधारित ड्रोन निगरानी तथा चेहरे को पहचानने वाले कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर परिसर और आसपास 1,200 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

उन्होंने बताया कि एआई आधारित एकीकृत मेला नियंत्रण कक्ष, सूचना एवं हेल्पलाइन के लिए चैटबॉट, एआई आधारित यातायात प्रबंधन प्रणाली तथा विभिन्न स्थानों पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरे भी लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की तीन कंपनियां, द्रुत कार्य बल, झारखंड जगुआर की दो टीम तथा बम निरोधक एवं निस्तारण दस्ता तैनात किया जाएगा। शिवगंगा तालाब पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम भी तैनात रहेगी। दुमका के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने बताया कि बाबा बासुकीनाथ धाम में स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, स्वच्छता, सुरक्षा, सीसीटीवी, ड्रोन निगरानी, खोया-पाया केंद्र और श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने अधिकारियों को 28 जुलाई तक सभी लंबित कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे मेले के दौरान वीआईपी और वीवीआईपी के लिए विशेष दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। झारखंड और बिहार के अधिकारी मेले के सफल आयोजन के लिए साथ काम कर रहे हैं।

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