
US Stock Market: अमेरिका (America) में एक बार फिर से मंदी (Recession) की आहट सुनाई दी है. अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है. डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की टैरिफ पॉलिसी (Tariff Policy) के अमेरिकी बाजार में डाओ जोन्स (Dow Jones) 890 अंक (2.08%) गिरकर 41,911 के स्तर पर बंद हुआ. नैस्डैक कंपोजिट में 4.00% की गिरावट आई. ये 728 अंक गिरकर 17,468 पर आ गया है. S&P 500 इंडेक्स में 2.70% की गिरावट आई है. S&P 500 अपने 19 फरवरी के रिकॉर्ड उच्च स्तर से 8.6% नीचे बंद हुआ है. तब से इसकी मार्केट वैल्यू में 4 ट्रिलियन डॉलर (करीब 350 लाख करोड़ रुपए) से अधिक की गिरावट आई है. नैस्डैक भी अपने दिसंबर के उच्च स्तर से 10% से ज्यादा गिर चुका है.
अगर बात अमेरिकी कंपनियों की करें तो टेस्ला के शेयर में 15 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. वहीं दुनिया की 7 बड़ी अमेरिकी कंपनियों के शेयरों एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट, अमेजन डॉट कॉम, एनवीडिया और मेटा प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की बात करें तो 2 फीसदी से 5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है.
जिस हिसाब से आज अमेरिकी बाजार में गिरावट देखी जा रही है. उस हिसाब से देखा जाए तो आज भारतीय बाजार में गिरावट रह सकती है. FII बिकवाली जारी रह सकती है, जिससे Nifty और Sensex दबाव में रहेंगे. मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में ज्यादा कमजोरी देखने को मिल सकती है. अगर अमेरिका में मंदी (Recession) के संकेत बढ़ते हैं, तो भारतीय बाजारों पर भी इसका नकारात्मक असर होगा.
इधर अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट ने वैश्विक निवेशकों को चिंता में डाल दिया है. ट्रंप की मंदी की चेतावनी और टैरिफ पॉलिसी से बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. अब निवेशकों की नजर भारतीय बाजार और अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर रहेगी.
अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट का असर क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) पर भी पड़ा है. बिटकॉइन की कीमत (Bitcoin Price) सोमवार को 78,000 डॉलर तक गिर गई, जो नवंबर के बाद का सबसे निचला स्तर है. गिरावट के दौर में निवेशक इस जोखिम भरी संपत्तियों से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे क्रिप्टो बाजार में भी दबाव बना हुआ है.
कहीं उल्टा न पड़ जाये ट्रंप का दांव
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को लेकर भारत समेत मैक्सिको, कनाडा और चीन पर नए टैरिफ का ऐलान किया है. इसके जवाब में मैक्सिको, कनाडा और चीन ने भी टैरिफ लगाया है. ऐसे में इन देशों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई है. साथ ही ट्रेड वॉर का खतरा भी बढ़ता जा रहा है, जिस कारण बाजार में गिरावट देखी जा रही है. इससे भरतीय बाजार भी प्रभावित हो सकता है.
