
बिलासपुर: South East Central Railway ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में माल ढुलाई के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। रेलवे ने 21 मार्च 2026 को मात्र 355 दिनों में ही अब तक का सर्वाधिक ऑरिजिनेटिंग फ्रेट रेवेन्यू हासिल कर रिकॉर्ड बनाया, जो पिछले वर्ष से 10 दिन पहले की उपलब्धि है।
₹29,493 करोड़ से अधिक का राजस्व
22 मार्च 2026 तक रेलवे ने ₹29,493.59 करोड़ का रिकॉर्ड माल राजस्व अर्जित किया। यह प्रदर्शन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को भारतीय रेल के सबसे अग्रणी जोन के रूप में स्थापित करता है। कुल माल राजस्व में इसका योगदान 17.13% रहा है, जो इसकी मजबूत भूमिका को दर्शाता है।
NTKM में भी नया रिकॉर्ड
रेलवे ने 20 मार्च 2026 को 354 दिनों में सबसे अधिक नेट टन किलोमीटर (NTKM) हासिल कर एक और उपलब्धि दर्ज की। 22 मार्च तक 146.75 बिलियन NTKM का आंकड़ा पार करते हुए यह जोन भारतीय रेल में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
पिछले वर्ष से बेहतर प्रदर्शन
पिछले वर्ष की तुलना में माल राजस्व में 3.6% (₹1026 करोड़) और NTKM में 3.8% (5.4 बिलियन) की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि रेलवे के कुशल संचालन और बेहतर प्रबंधन का परिणाम है।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से बढ़ी क्षमता
रेलवे ने कई महत्वपूर्ण रेलखंडों में तीसरी और चौथी लाइन का विस्तार किया है, जिससे ट्रेनों की गति और परिचालन क्षमता में सुधार हुआ है। इससे माल ढुलाई अधिक सुगम और समयबद्ध हो गई है।
यात्रियों की सुविधा पर भी ध्यान
माल परिवहन के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को अधिक सीट और बर्थ उपलब्ध हो सके।
अधिकारियों की मेहनत का परिणाम
रेलवे की यह उपलब्धि अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत, बेहतर प्रबंधन और आधुनिक तकनीक के उपयोग का परिणाम है। महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के नेतृत्व में रेलवे लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
देश के औद्योगिक विकास में योगदान
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का यह प्रदर्शन न केवल रेलवे के लिए बल्कि देश के औद्योगिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। बेहतर माल ढुलाई से उद्योगों को मजबूती मिल रही है और अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है।
