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South Railway Accident: चलती ट्रेन से टकरायी स्कूली वैन, 3 छात्रों की मौत, रेलवे क्रॉसिंग पर हुआ हादसा, गेटकीपर गिरफ्तार, दक्षिण रेलवे ने हादसे के लिए माफी मांगी

Kadlur.तमिलनाडु में कडलूर जिले के सेम्मनगुप्पम में मंगलवार की सुबह एक स्कूल वैन के चलती ट्रेन की चपेट में आने के कारण तीन छात्रों की मौत हो गयी. वहीं, इस घटना को लेकर अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं. दक्षिण रेलवे ने इस ‘दुखद घटना’ के लिए माफी मांगी है और उसने बताया कि रेलवे फाटक पर तैनात ‘गेटकीपर’ को निलंबित कर दिया गया है तथा उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. उसने बताया कि सुबह करीब पौने आठ बजे छात्रों को ले जा रही स्कूल वैन ने कडलूर और अलप्पक्कम के बीच रेलवे क्रॉसिंग गेट नंबर 170 को पार करने का प्रयास किया और इस दौरान वह ट्रेन संख्या 56813 विल्लुपुरम-मयिलादुथुराई यात्री ट्रेन की चपेट में आ गई.

पुलिस ने बताया कि स्कूली छात्रों को ले जा रही वैन टक्कर लगने के बाद रेलवे क्रॉसिंग से कुछ दूर उछलकर गिरी. लोको पायलट ने कुछ दूर जाकर ट्रेन को रोक लिया. टेलीविजन पर प्रसारित घटना के दृश्यों में देखा जा सकता है कि पीले रंग की स्कूल वैन के परखच्चे उड़ गए. दक्षिणी रेलवे ने कहा कि फाटक बंद था और वैन चालक ने देरी से बचने के लिए फाटक खोलने पर जोर दिया, जबकि वैन चालक और घायलों में एक छात्र ने दावा किया कि फाटक खुला हुआ था. दक्षिणी रेलवे ने चेन्नई में एक विज्ञप्ति में कहा, ‘दुखद बात यह है कि तीन छात्रों की मौत हो गई तथा एक छात्र और वैन चालक घायल हो गए, जिन्हें कडलूर के सरकारी अस्पताल/ जिपमर पुडुचेरी में भर्ती कराया गया है. एक घायल छात्र की एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गयी. कडलूर राज्य की राजधानी चेन्नई से करीब 190 किलोमीटर दूर है. दुर्घटना के समय वैन में चार छात्र और चालक मौजूद था.

दक्षिणी रेलवे ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि ‘जब वैन फाटक पर पहुंची तो फाटक बंद था. उसने विज्ञप्ति में कहा, ‘वैन चालक ने स्कूल पहुंचने में देरी से बचने के लिए फाटक पार करने की अनुमति देने के लिए कहा और गेटकीपर ने नियमों एवं प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर फाटक पार करने की अनुमति दे दी. गेटकीपर को नियमों के अनुसार फाटक नहीं खोलना चाहिए था. गेटकीपर को निलंबित कर दिया गया है और उसे सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू की गयी है तथा इस आपराधिक लापरवाही के लिए उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। गेटकीपर को गिरफ्तार कर लिया गया है.

इसमें दावा किया गया है कि इस एल.सी. फाटक पर दक्षिण रेलवे द्वारा एक अंडरपास को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है, लेकिन जिला कलेक्टर द्वारा पिछले एक वर्ष से इसके लिए अनुमति नहीं दी जा रही है. इस बीच, घायलों में शामिल 12वीं कक्षा के एक छात्र विश्वेष और चालक शंकर ने दावा किया कि फाटक खुला हुआ था. विश्वेष ने एक टीवी चैनल को बताया कि ‘न तो फाटक बंद था और न ही वहां कोई सिग्नल था.

उसने दावा किया, ‘फाटक खुला हुआ था, ट्रेन का कोई हॉर्न नहीं बज रहा था. इसलिए चालक आगे बढ़ा और अचानक ट्रेन आयी तथा हादसा हो गया. अस्पताल में उपचार करा रहे वैन चालक ने भी दावा किया कि फाटक खुला हुआ था. इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना देखकर पीड़ितों की मदद के लिए पहुंचे एक व्यक्ति को क्षतिग्रस्त तार से करंट लग गया. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

रेलवे ने जान की हानि और लोगों के घायल होने पर गहरा खेद व्यक्त किया तथा इस दुखद घटना के लिए माफी मांगी है. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने छात्रों की मौत पर दुख जताया और मृतकों के अभिभावकों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की.

मुख्यमंत्री के हवाले से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने गंभीर रूप से घायल हुए तथा उपचाराधीन लोगों को एक-एक लाख रुपये तथा मामूली रूप से घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है.

अधिकारियों ने बताया कि चिकित्सा राहत वैन के साथ एक रेलवे राहत ट्रेन को घटनास्थल पर भेजा गया है. दक्षिणी रेलवे के महाप्रबंधक, मंडलीय रेलवे प्रबंधक तथा वरिष्ठ अधिकारी बचाव एवं राहत प्रयासों पर नजर रखने के लिए घटनास्थल पर मौजूद हैं. इस हादसे में बिजली का एक खंभा भी क्षतिग्रस्त हो गया है.

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