
स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल शनिवार को चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंच गया. यह कैप्सूल नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुआ था और उसे स्टेशन तक पहुंचने में करीब 15 घंटे लगे. इस मिशन में अमेरिका, रूस और जापान के अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जो अब छह महीने तक स्टेशन पर रहकर अनुसंधान और अन्य गतिविधियों में भाग लेंगे.
नए अंतरिक्ष यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत
जैसे ही कैप्सूल ने स्टेशन से डॉक किया, अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री माइक फिन्के ने रेडियो पर संपर्क कर कहा, “हैलो, अंतरिक्ष स्टेशन.” उनके साथ नासा की जेना कार्डमैन, जापान के किमिया युई और रूस के ओलेग प्लाटोनोव भी मौजूद थे. स्टेशन पर पहले से मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों ने नए साथियों का स्वागत ठंडे पेय और गर्म भोजन के साथ किया. फिलहाल स्टेशन पर कुल 11 लोग मौजूद हैं.
मिशन से जुड़े खास पहलू
जेना कार्डमैन को पहले स्पेसएक्स के एक मिशन में भेजा गया था, लेकिन स्टारलाइनर परीक्षण के लिए बाद में वापस बुला लिया गया था.
माइक फिन्के और किमिया युई को भी पहले स्टारलाइनर के लिए चुना गया था, लेकिन तकनीकी समस्याओं की वजह से वे इस बार स्पेसएक्स मिशन में शामिल हुए. ओलेग प्लाटोनोव को पहले एक अज्ञात बीमारी के कारण सोयुज मिशन से हटाया गया था.
सुनीता विलियम्स की लंबी वापसी यात्रा
गौरतलब है कि पिछले साल भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर को स्टारलाइनर कैप्सूल की खराबी के कारण अंतरिक्ष में फंसे रहना पड़ा था. उनका मिशन केवल 8 दिन का था, लेकिन तकनीकी गड़बड़ियों के चलते वे 286 दिन बाद 18 मार्च को धरती पर लौटे. उन्हें वापस लाने के लिए स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल का इस्तेमाल किया गया था.
ड्रैगन कैप्सूल की खासियत
स्पेसएक्स का ड्रैगन क्रू कैप्सूल अब तक 46 बार लॉन्च हो चुका है और 42 बार अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा कर चुका है. यह दुनिया का पहला निजी अंतरिक्ष यान है, जो नियमित रूप से अंतरिक्ष यात्रियों और कार्गो को स्टेशन तक पहुंचाता है. इसमें अधिकतम सात यात्री एक साथ बैठ सकते हैं. इस मिशन के साथ स्पेसएक्स ने एक बार फिर अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अपनी मजबूत भूमिका साबित की है.
