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Student Protest: प्रदर्शनकारी छात्रों के विधानसभा मार्च के दौरान बैरिकेड टूटे, बरसा पानी और चलीं लाठियां, आंसू गैस के बीच विधानसभा तक पहुंचा हुजूम; पुलिस कार्रवाई मे कई छात्र घायल, पथराव में चार पुलिसकर्मी भी हुए जख्मी

Ranchi.झारखंड विधानसभा के पास सोमवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में कई प्रदर्शनकारी और चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने पानी की बौछारें कीं, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। झड़प तब हुई, जब प्रदर्शनकारियों ने झारखंड विधानसभा के पास लगे कई अवरोधक तोड़ दिए

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में महिलाओं सहित उनके कई साथी घायल हुए हैं, वहीं रांची के नगर पुलिस अधीक्षक (सिटी एसपी) पारस राणा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारी अवरोधक तोड़कर विधानसभा के गेट नंबर-एक तक पहुंच गए और वहां धरने पर बैठ गए। पुलिस द्वारा दोबारा लाठीचार्ज किए जाने के बावजूद उन्होंने मांगें पूरी होने तक हटने से इनकार कर दिया। भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन के 17वें दिन सुबह करीब साढ़े 10 बजे पुराने विधानसभा भवन के बाहर से मार्च शुरू हुआ।

यह मार्च मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के 51वें जन्मदिन के दिन निकाला गया। जब प्रदर्शनकारी जगन्नाथपुर मंदिर पहुंचे, तो पुलिस ने उन पर पानी की बौछारें छोड़ीं। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जैसे ही आखिरी अवरोधक को पार करने की कोशिश की, स्थिति और बिगड़ गई, जिसके बाद पुलिस को दोबारा लाठीचार्ज करना पड़ा।

भीड़ को रोकने में नाकाम रहने पर पुलिस ने विधानसभा से करीब 200 मीटर दूर प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे। प्रदर्शनकारी पीयूष कुमार सोनी ने कहा, ”लाठीचार्ज बर्बर था। हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने हम पर लाठियां बरसाईं। वे हमें शारीरिक चोट पहुंचा सकते हैं, हमारे विचारों को नहीं।” उन्होंने दावा किया, ”कई छात्राएं घायल हुई हैं। पुलिस ने हमारे सिर, हाथ, चेहरे और शरीर के हर हिस्से पर लाठियां बरसाईं।”

हजारीबाग जिले से आए विक्रम कुमार ने भी सिर में चोट लगने का दावा किया। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने आरोप लगाया कि मार्च से अलग होने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को एक किलोमीटर तक खदेड़ा और उनकी पिटाई की। पासवान ने कहा, “हमारे आह्वान पर यहां पहुंचे हजारों छात्रों को पुलिस ने लगभग एक किलोमीटर तक खदेड़-खदेड़ कर बर्बरतापूर्वक पीटा। यह लोकतंत्र नहीं है। हेमंत सोरेन को तानाशाह नहीं बनना चाहिए। लाठीचार्ज के कारण हमारे कई आंदोलनकारी छात्र साथी घायल हुए हैं।”

हालांकि, रांची के नगर पुलिस अधीक्षक (सिटी एसपी) पारस राणा ने कहा कि मार्च के दौरान हुए पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए।
राणा ने बताया, “इनमें से तीन पुलिसकर्मियों के सिर में चोटें आई हैं… जहां अधिकांश प्रदर्शनकारी शांत थे, वहीं लगभग 15 प्रतिशत प्रदर्शनकारी उपद्रवी हो गए थे।”

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