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CBSE अगले साल से कक्षा छह के लिए त्रि-भाषा नीति लागू करने पर विचार करे, सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

New Delhi. सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को सीबीएसई से 2027 से शुरू होने वाले अगले शैक्षणिक सत्र से कक्षा छह के छात्रों के लिए दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य करने की नीति लागू करने पर विचार करने को कहा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को बताया कि बोर्ड इस सुझाव पर विचार करेगा।

न्यायमूर्ति बागची ने शुरुआत में कहा कि बच्चों को राहत देने के लिए सीबीएसई को अगले शैक्षणिक सत्र से त्रि-भाषा नीति लागू करने को टालने पर विचार करना चाहिए। न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि यदि वर्तमान में कक्षा छह में पढ़ रहे छात्र इस वर्ष से तीन भाषाओं का अध्ययन करना चाहते हैं तो उन्हें इसकी अनुमति दी जा सकती है।
भाटी ने कहा कि सीबीएसई इस सुझाव पर विचार करेगा और इस मुद्दे पर नया नोट पेश करेगा।

पीठ ने कहा कि उसके सुझाव पक्षकारों के अधिकारों और दावों को प्रभावित किए बिना दिए गए हैं तथा वास्तविक मुद्दों पर बाद में फैसला किया जा सकता है। इससे पहले केंद्र और सीबीएसई ने पीठ को बताया था कि वे कक्षा छह के छात्रों के लिए दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं के अध्ययन को अनिवार्य करने वाली नीति लागू करने के संबंध में उसके सुझावों पर काम कर रहे हैं।

शीर्ष अदालत ने 27 मई को इस नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई थी और केंद्र, सीबीएसई तथा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) से जवाब मांगा था। सीबीएसई की ओर से जारी एक परिपत्र के अनुसार, एक जुलाई से कक्षा नौ के छात्रों के लिए कम से कम दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया गया है।

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