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Jamshedpur NEWS : सूर्य मंदिर समिति के श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का शुभारंभ, बाल राधा-कृष्ण ने मोहा मन

जमशेदपुर: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शहर में उत्साह का माहौल है। बुधवार को सिदगोड़ा स्थित बिरसा मुंडा टाउन हॉल में सूर्य मंदिर समिति के तत्वावधान में तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। महोत्सव के पहले दिन बाल राधा-कृष्ण सजाओ प्रतियोगिता का ऑडिशन आयोजित किया गया, जिसमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों से 150 से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व मुख्यमंत्री एवं सूर्य मंदिर समिति के मुख्य संरक्षक रघुवर दास ने समिति के संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह और अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह के साथ दीप प्रज्वलित कर किया। नन्हे प्रतिभागियों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा के बाल स्वरूप में आकर्षक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

150 से अधिक बच्चों ने लिया हिस्सा

प्रतियोगिता में 11 माह से लेकर 10 वर्ष तक के बच्चों ने भाग लिया। कोई बालक बांसुरी बजाते हुए बाल कृष्ण के रूप में नजर आया तो कोई बच्ची आकर्षक परिधान में राधा रानी के स्वरूप में दिखाई दी। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार में उत्साह और उल्लास का वातावरण बना दिया।

निर्णायकों द्वारा प्रतिभागियों की प्रस्तुति, वेशभूषा और बाल राधा-कृष्ण के स्वरूप के आधार पर मूल्यांकन किया गया। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 25 प्रतिभागियों का चयन फाइनल के लिए किया गया है। चयनित प्रतिभागी 4 सितंबर को आयोजित होने वाले फाइनल मुकाबले में हिस्सा लेंगे।

प्रतियोगिता के लिए अधिकतम आयु सीमा 10 वर्ष निर्धारित की गई थी।

रघुवर दास ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह

उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रघुवर दास ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सनातन संस्कृति, संस्कार और जीवन मूल्यों का उत्सव है। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में प्रेम, आनंद, करुणा और नटखटपन का सुंदर संगम दिखाई देता है।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में शामिल नन्हे बच्चों में बाल राधा-कृष्ण के रूप में उसी दिव्य छवि की झलक देखने को मिल रही है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चों के लिए जीत-हार से अधिक महत्वपूर्ण उनका उत्साह, संस्कार और भारतीय संस्कृति से जुड़ाव है।

उन्होंने सूर्य मंदिर समिति के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

चार सितंबर को होगा फाइनल

प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका सोनाली चटर्जी, डॉ. रम्यता प्रफुल्ल और अरभ सागर ने निभाई। बच्चों की प्रस्तुतियों को देखकर दर्शक भी काफी उत्साहित नजर आए। बाल कृष्ण के नटखट अंदाज और राधा के आकर्षक स्वरूप की उपस्थित लोगों ने जमकर सराहना की।

कार्यक्रम का मंच संचालन प्रतियोगिता प्रभारी गुंजन यादव ने किया। महोत्सव के अगले चरण में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। चार सितंबर को बाल राधा-कृष्ण सजाओ प्रतियोगिता का फाइनल होगा। वहीं, सामूहिक नृत्य प्रतियोगिता के ऑडिशन भी आयोजित किए जाएंगे।

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