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Tata Motors: पश्चिम एशिया युद्ध के कारण खर्चों को लेकर सतर्कता बरत रही टाटा मोटर्स, जानें CEO वाघ ने और क्या कहा?

New Delhi. वाणिज्यिक वाहन बाजार की अग्रणी टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) गिरिश वाघ ने बुधवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न कई चुनौतियों को देखते हुए कंपनी अपनी खर्च योजनाओं को लेकर थोड़ी सावधानी बरत रही है। वाघ ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय को फिलहाल बदला नहीं है, लेकिन आगे चलकर इसके क्रियान्वयन में समय संबंधी अंतर हो सकता है।

वाघ ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कच्चे माल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है और इसका असर उद्योग पर पड़ रहा है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मांग मजबूत बनी हुई है और वित्त वर्ष 2026-27 में वाणिज्यिक वाहन उद्योग में एकल अंक में वृद्धि की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि ग्राहकों की खरीदारी के फैसलों में कुछ सतर्कता जरूर दिख रही है, लेकिन मांग बनी रहने के कारण बिक्री प्रभावित नहीं हो रही है। वाघ ने कहा कि अनिश्चितता के कारण कंपनी ने अपनी खर्च योजनाओं की समीक्षा की है और फिलहाल सावधानीपूर्वक आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि कंपनी महत्वपूर्ण बाहरी और व्यापक आर्थिक संकेतकों पर नजर रख रही है ताकि जरूरत पड़ने पर योजनाओं में तुरंत बदलाव किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि टाटा मोटर्स का वार्षिक पूंजीगत व्यय आमतौर पर राजस्व का दो से चार प्रतिशत रहता है और चालू वित्त वर्ष के लिए यह लगभग 3,000 करोड़ रुपये है।

वाघ ने कहा कि अनिश्चितता के कारण कंपनी ने अपने व्यय कार्यक्रम की समीक्षा की है और फिलहाल सतर्क रुख अपनाया गया है।

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