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Tata Motors: टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स की पांच साल में 40,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की योजना

New Delhi. वाहन विनिर्माता टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) ने घरेलू बाजार में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ अगले पांच वर्षों में 40,000 करोड़ रुपये तक के पूंजीगत व्यय की योजना बनाई है। टाटा समूह की यात्री वाहन कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शैलेश चंद्रा ने निवेशकों के समक्ष एक प्रस्तुति में यह जानकारी दी। इसके मुताबिक, कंपनी वित्त वर्ष 2030-31 तक अपनी वार्षिक बिक्री को लगभग दोगुना कर 12 लाख इकाइयों से अधिक करने का लक्ष्य रखती है। प्रस्तुतीकरण में कहा गया है कि कंपनी 2030-31 तक छह नए मॉडल पेश करेगी जबकि अगले दो-तीन वर्षों में अपनी वार्षिक उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 13 लाख इकाई करने की योजना है। वर्तमान में इसकी क्षमता करीब नौ लाख इकाई है, जिसमें चार लाख इकाइयों की अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जाएगी।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2030-31 तक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार में अपने लिए 30 प्रतिशत हिस्सेदारी का लक्ष्य भी तय किया है और इसके लिए 10 ईवी मॉडल का पोर्टफोलियो तैयार किया जाएगा। चंद्रा ने कहा, हमारी वृद्धि की अगली रणनीति में छह लाख से अधिक अतिरिक्त इकाइयों की वृद्धि शामिल है, जिसमें कई ईंधन विकल्पों वाली रणनीति प्रमुख भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि कंपनी की इस वृद्धि में ईवी और सीएनजी खंड का बड़ा योगदान रहेगा। चंद्रा ने कहा कि कंपनी की बाजार हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2019-20 से 2025-26 के दौरान नौ प्रतिशत बढ़ी है और वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के दौरान इसमें पांच-छह प्रतिशत की और बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है।

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने कहा कि घरेलू यात्री वाहन उद्योग 2030-31 तक बढ़कर 64 लाख इकाइयों तक पहुंच सकता है, जबकि ईवी की सालाना बिक्री 10 लाख इकाइयों से अधिक हो सकती है। इस दौरान कुल बाजार में ईवी की हिस्सेदारी 15-20 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसके अलावा यात्री वाहन उद्योग में औसत बिक्री मूल्य बढ़कर 2030-31 तक करीब 15 लाख रुपये हो जाने का अनुमान जताया गया जबकि 2025-26 में यह 11-12 लाख रुपये था।

यह ग्राहकों की बढ़ती आय और प्रीमियम वाहनों की मांग को दर्शाता है। कंपनी 2030-31 तक अपने कुल मॉडल की संख्या को नौ से बढ़ाकर 15 करने की योजना बना रही है। इसमें नए मॉडल मौजूदा खंडों के साथ-साथ नए बाजार खंड भी तैयार करेंगे। चंद्रा ने कहा, ‘कंपनी की वृद्धि रणनीति में उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी, उत्पादों के पोर्टफोलियो का विस्तार और उच्च-वृद्धि वाले ईवी एवं सीएनजी खंड पर जोर शामिल है।

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