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Tata Motors: वित्त वर्ष 2025-26 में टाटा मोटर्स ने अब तक का सर्वाधिक 83,855 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया

New Delhi. टाटा मोटर्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा है कि कंपनी वाणिज्यिक वाहनों के क्षेत्र में इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन आधारित प्रौद्योगिकी में निवेश जारी रखेगी। उनका मानना है कि स्वच्छ परिवहन की ओर बढ़ने के लिए केवल एक प्रौद्योगिकी पर निर्भर रहने के बजाय इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और अधिक स्वच्छ आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) प्रौद्योगिकी का संतुलित उपयोग आवश्यक है। वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी और कृत्रिम मेधा (एआई) परिवहन उत्पादों के डिजाइन, उपयोग और सेवाओं को तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ता रुझान, सुरक्षा संबंधी बढ़ती अपेक्षाएं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बदलाव प्रतिस्पर्धा की नई परिभाषा तय कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि कंपनी शून्य-उत्सर्जन वाले इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन के पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है, वहीं भारी वाहनों के लिए हाइड्रोजन आधारित प्रौद्योगिकी के विकास पर भी ध्यान दे रही है। उनके अनुसार, भविष्य की सुरक्षित, कुशल और बुद्धिमान परिवहन व्यवस्था के लिए कनेक्टेड व्हीकल्स, एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस प्रणाली (एडीएएस), डेटा आधारित फ्लीट सेवाएं और नई पावरट्रेन प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण होंगी।

चंद्रशेखरन ने कहा कि मजबूत बही-खाते, बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और जुझारू क्षमता कंपनी की लाभदायक विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। कंपनी का लक्ष्य उभरते परिवहन रुझानों के अनुरूप पूंजी का विवेकपूर्ण निवेश करते हुए उद्योग में अग्रणी विकास, लाभप्रदता और बेहतर रिटर्न सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में टाटा मोटर्स ने 83,855 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक राजस्व दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 76,359 करोड़ रुपये की तुलना में 9.8 प्रतिशत अधिक है।

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