
Jamshedpur. टाटा स्टील की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक हुई, जिसमें कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही ( अक्टूबर-दिसंबर 2025) के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी गई। यह बैठक मुख्य रूप से तिमाही और नौ महीनों के ऑडिटेड/अनऑडिटेड रिजल्ट्स पर केंद्रित थी, साथ ही कंपनी ने भारत बिजनेस के लिए लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्ट्रैटेजी को भी दोबारा पुष्ट किया। टाटा स्टील के सीईओ टीवी नरेंद्रन ने कहा कि ग्लोबल स्तर पर टैरिफ, जियोपॉलिटिकल बदलाव और पॉलिसी डाइवर्जेंस का असर जारी है, लेकिन कंपनी सस्टेनेबल मॉडल की ओर ट्रांजिशन के लिए पॉलिसी सपोर्ट पर जोर दे रही है।
टाटा स्टील के शेयरों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया, लेकिन मजबूत परिणामों से निवेशक सेंटिमेंट पॉजिटिव रहा। कंपनी ने आगे वॉल्यूम ग्रोथ, नीलाचल में 4।8 मिलियन टन एक्सपैंशन और लुधियाना में 0।75 मिलियन टन ईएएफ जैसे प्रोजेक्ट्स पर फोकस करने की बात कही है।
बोर्ड मीटिंग के प्रमुख फैसले
कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 722-825 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस तिमाही में शुद्ध लाभ 2,730 करोड़ रहा (पिछले साल की समान तिमाही में 327 करोड़ था)। रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 57,002 करोड़ रहा, जो साल दर साल 6।3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है। भारत में क्रूड स्टील प्रोडक्शन 12 प्रतिशत साल दर साल बढ़कर 6।34 मिलियन टन हुआ, और डिलीवरीज़ रिकॉर्ड स्तर पर 6।04 मिलियन टन पहुंचीं। बोर्ड ने भारत बिजनेस के लिए लंबी अवधि की विकास रणनीति को मंजूरी दी।
इसमें वॉल्यूम ग्रोथ पर फोकस, वैल्यू-एडेड डाउनस्ट्रीम पोर्टफोलियो का विस्तार, माइनिंग एसेट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश, लो-कार्बन और लो-कैपिटल इंटेंसिटी वाली सस्टेनेबल स्टील मेकिंग टेक्नोलॉजीज का विकास। कंपनी ने कलर-कोटेड बिजनेस में अपनी हिस्सेदारी को मजबूत किया (टाटा स्टील कलर्स प्राइवेट लिमिटेड में कंसॉलिडेशन)। थ्रिवेनी पेलेट्स प्राइवेट लिमिटेड में 50।01 प्रतिशत स्टेक का अधिग्रहण पूरा हुआ, जो ब्राहमनी रिवर पेलेट्स प्राइवेट लिमिटेड की 100 फीसदी इक्विटी रखती है। यह कदम रॉ मटेरियल सिक्योरिटी को मजबूत करेगा।
