
Jamshedpur.टाटा स्टील को राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया है. यह पुरस्कार कंपनी को भारत में पेटेंट फाइलिंग, अनुदान और व्यावसायीकरण श्रेणी में प्रदान किया गया है. टाटा स्टील को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विश्व बौद्धिक संपदा संगठन द्वारा सम्मानित किया गया है. टाटा स्टील ने अब तक वैश्विक स्तर पर 2,000 से अधिक पेटेंट आवेदन दायर किए हैं. वित्त वर्ष 2023-24 में ही कंपनी ने 395 पेटेंट प्राप्त किए. उसके नवाचार और अनुसंधान पर केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है. वित्त वर्ष 2020 से 2024 के बीच कंपनी ने प्रति वर्ष औसतन 130 से अधिक पेटेंट फाइल किए हैं, जिससे इसके निरंतर आरएंडडी निवेश और औद्योगिक सहयोग की पुष्टि होती है.
इस प्रतिबद्धता का पहला प्रमाण कंपनी ने 1938 में अपना पहला पेटेंट दर्ज कराकर दिया. हाल ही में, टाटा स्टील के पेटेंट पोर्टफोलियो को भारतीय पेटेंट कार्यालय द्वारा प्रकाशित एक संकलन में शामिल किया गया, जिसमें उन नवाचारों को प्रस्तुत किया गया है जो संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप हैं. राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा (आईपी) पुरस्कार हर वर्ष उन व्यक्तियों, संस्थानों, संगठनों और उद्योगों को सम्मानित करने के लिए प्रदान किए जाते हैं, जिन्होंने बौद्धिक संपदा के सृजन, संरक्षण और व्यावसायीकरण में उल्लेखनीय योगदान दिया है. इन पुरस्कारों का उद्देश्य देश में नवाचार और रचनात्मकता की संस्कृति को प्रोत्साहित करना है, साथ ही एक मजबूत और जागरूक आइपी इकोसिस्टम को विकसित करना है.
राष्ट्रीय आईपी पुरस्कार प्रभावी बौद्धिक संपदा प्रबंधन की महत्ता को रेखांकित करते हैं, जो विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में तकनीकी प्रगति, प्रतिस्पर्धात्मकता और दीर्घकालिक विकास को गति देने में सहायक सिद्ध होता है.
टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (टेक्नोलॉजी, आरएंडडी, एनएमबी और ग्रैफीन), सुबोध पांडे ने कहा, इस्पात उद्योग में आज अनुसंधान और उच्च शिक्षा संस्थानों के साथ साझेदारी के माध्यम से प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल करने के व्यापक अवसर मौजूद हैं. हमारा ध्यान केवल तकनीकी प्रगति पर नहीं, बल्कि उद्योग के लिए सतत भविष्य सुनिश्चित करने पर भी केंद्रित है.
