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AIMA Leadership Conclave में बोले Tata Steel के एमडी नरेंद्रन, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों के विविधीकरण से सामने आयीं नई चुनौतियां

New Delhi.  टाटा स्टील के एमडी टीवी. नरेंद्रन ने कहा कि भारत के लिए ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण और महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच बढ़ाना अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इस बदलाव से नई चुनौतियां भी उत्पन्न हुई हैं। ‘एआईएमए लीडरशिप कॉन्क्लेव’ को संबोधित करते हुए नरेंद्रन ने ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के विविधीकरण को कई मायने में संवेदनशील करार दिया। उन्होंने कहा, ‘चुनौती स्पष्ट है। हम ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के स्रोतों का विविधीकरण कर रहे हैं और हमें करना भी चाहिए। हालांकि यह विविधीकरण केवल आयात पर निर्भरता ही नहीं, बल्कि उन राजनीतिक संबंधों पर भी निर्भरता उत्पन्न करता है जो इन आयातों के प्रवाह को संभव बनाते हैं। ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए) के अध्यक्ष नरेंद्रन ने कहा कि इस दशक की शुरुआत कोविड-19 वैश्विक महामारी से हुई, जो एक बड़ा व्यवधान था और जिसने सरकारों को तेजी से कदम उठाने के लिए मजबूर किया। इससे विज्ञान में तेज प्रगति हुई और व्यवसायों तथा समाजों को परिस्थितियों के अनुसार ढलने और समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी के बाद कई झटके आए। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का टूटना, रूस-यूक्रेन संघर्ष और उससे ऊर्जा व जिंस बाजार में अस्थिरता, बढ़ती व्यापार बाधाएं, प्रौद्योगिकी नियंत्रण में सख्ती और हाल के पश्चिम एशिया संकट के कारण प्रमुख समुद्री मार्गों में बढ़ते व्यवधान। नरेंद्रन ने कहा कि भारत के लिए वास्तविक अवसर मौजूद है और विश्व जब विश्वसनीय साझेदारों, विविधीकृत आपूर्ति श्रृंखलाओं एवं स्थिर विकास वाले बाजारों की तलाश कर रहा है, तब भारत अपनी स्थिति को काफी मजबूत कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘भारत के लिए अवसर केवल खुद निर्माण करने का ही नहीं बल्कि दुनिया को बेचने का भी है। असली परीक्षा इतनी क्षमता विकसित करने की है कि हम ऐसा कर सकें। भारत बड़े पैमाने पर सौर और पवन ऊर्जा, जलविद्युत, परमाणु ऊर्जा, जैव ईंधन, गैस और हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं को शामिल करते हुए ऊर्जा स्रोतों का सक्रिय रूप से विविधीकरण कर रहा है। इसके समानांतर भारत ने लिथियम, कोबाल्ट और दुर्लभ खनिज सहित लगभग 30 खनिजों को महत्वपूर्ण के रूप में चिन्हित किया है। घरेलू खोज को बढ़ावा देने, खनन नियमों को सरल बनाने तथा विदेशों में अधिग्रहण एवं प्रसंस्करण क्षमता को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन शुरू किया है।

महत्वपूर्ण खनिज वे होते हैं जो आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। विशेष रूप से स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, रक्षा प्रणालियों और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक के लिए। इनमें लिथियम, कोबाल्ट, दुर्लभ पृथ्वी तत्व, निकल, तांबा, ग्रेफाइट, गैलियम, जर्मेनियम, टाइटेनियम, टंग्स्टन जैसे धातु और अधातु शामिल हैं। इनका इस्तेमाल बैटरी, सौर पैनल, पवन टर्बाइन, सेमीकंडक्टर और उच्च क्षमता वाले चुंबक में होता है। ऊर्जा बदलाव और डिजिटलीकरण की दिशा में देशों के बढ़ते प्रयासों के कारण महत्वपूर्ण खनिजों की वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है।

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