
जमशेदपुर. टाटा स्टील में ट्रेड ऑप्रेंटिस के लिए चुना जाना कभी युवाओं के लिए टाटा घराने से जुड़ना और उनके सुनहरे भविष्य की गारंटी मानी जाती थी. समय के साथ बीते दो साल में कंपनी प्रबंधन ने नीतियों में बदलाव किया और ट्रेड ऑप्रेंटिस से जुड़ने वाले युवाओं की नियुक्ति को लेकर भी नये गाईडलाइन जारी किये हैं. ट्रेड ऑप्रेंटिस कर रहे युवा इन बदलावों को अपने सुनहरे भविष्य पर ग्रहण बता रहे और लगातार इसे लेकर आंदोलन की ओर है.
ट्रेड ऑप्रेंटिस से जुड़े युवाओं का कहना है कि टाटा स्टील की नयी नीति और उसके वादाें के बीच बड़ा गैप आ गया है. वर्तमान प्रबंधन जो नीति अपना रहा है वह उनके भविष्य को बर्बाद कर देगी. टाटा स्टील टेक्निकल सर्विसेस में भेजे जाने का विरोध कर रहे ट्रेड ऑप्रेंटिस कर रहे 2022 सर्किल सैकेंड बैच के युवाओं का कहना है कि सफल ट्रेनिंग के बाद उन्हें टाटा स्टील या इसकी सब्सिडियरी कंपनी में पदस्थापित किये जाने की बात कही गयी थी लेकिन अब उन्हें टाटा स्टील टेक्निकल सर्विसेस में नियुक्त किया जा रहा है.
ट्रेड ऑप्रेंटिस के युवाओं ने क्या कहां यह सुनें …
मंगलवार को ट्रेनी कर्मचारियों ने गोपाल मैदान के सांकेतिक घरना सह प्रर्दशन कर अपना विराेध दर्ज कराया. प्रशिक्षुओं का कहना था कि उनका भविष्य बरबाद हो जाएगा. ट्रेड अप्रेंटिस करने के बाद उन्हें सभी तरह की कटौती के बाद मात्र 9,500 रुपये ही मिलेंगे. कंपनी आवास की सुविधा नहीं देगी, मेडिकल सुविधा के नाम पर उन्हें इएसआइ की सुविधा मिलेगी.
फिलहाल ट्रेड ऑप्रेंटिस में बहाल अधिकांश युवक-युवतियाँ झारखंड और ओडिशा के रहने वाले हैं. 10 वीं पास करने के बाद ट्रेड अप्रेंटिस में बहाल होने से उन्होंने पढ़ाई छोड़ तक दी थी. पहले बैच के कर्मचारियों को टाटा स्टील में पदस्थापित किया गया है और उन्हें नयी कंपनी में भेजा जा रहा है, जबकि उनलोगों ने टाटा स्टील के आवेदन किया था. बता दे यह सभी प्रशिक्षु बीते सोमवार को अपनी समस्या को लेकर उपायुक्त से मिले थे. उपायुक्त ने उन्हें हरसंभव मदद दिलाने का अश्वासन दिया था.
इस मामले को लेकर प्रशिक्षु टाटा वर्कर्स यूनियन के नेताओं से भी मिल चुके है लेकिन अब तक उन्हें किसी भी स्तर पर सकारात्मक पहल का आश्वासन नहीं मिला है. प्रशिक्षुओं का कहना है कि उनका आंदोलन कब तक चलेगा वह कह नहीं सकते लेकिन टाटा प्रबंधन को अपनी गौरवशाली परंपरा का ध्यान रखना चाहिए और उनसे बातचीत कर बेहतर भविष्य की ओर युवाओं को ले जाने का रतन टाटा का संकल्प पूरा करना चाहिए.
