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नए सिरे से बनेगी देश की वोटर लिस्ट, बिहार के बाद अब बाकी राज्यों में भी होगा SIR

Ranchi : भारत के चुनाव आयोग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पूरे देश में वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) को नए सिरे से तैयार करने का आदेश दिया है. 24 जून, 2025 को जारी एक आदेश में आयोग ने कहा कि वह “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन” (Special Intensive Revision) शुरू कर रहा है, जिसका मकसद वोटर लिस्ट को पूरी तरह से शुद्ध और अपडेट करना है.

क्यों लिया गया यह फैसला?

चुनाव आयोग के अनुसार, पिछले 20 सालों में देश में बड़े बदलाव हुए हैं. नौकरी, पढ़ाई और दूसरे कारणों से लोग एक शहर से दूसरे शहर या एक राज्य से दूसरे राज्य में जाकर बस गए हैं. इस प्रक्रिया को शहरीकरण और पलायन कहते हैं. अक्सर ऐसा होता है कि लोग अपने नए पते पर तो वोटर लिस्ट में नाम जुड़वा लेते हैं, लेकिन पुराने पते की लिस्ट से अपना नाम कटवाना भूल जाते हैं. इससे एक ही व्यक्ति का नाम कई जगहों पर वोटर लिस्ट में दर्ज हो जाता है. इन गड़बड़ियों को दूर करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि केवल योग्य भारतीय नागरिक ही वोटर लिस्ट में शामिल हों, यह गहन जांच अभियान चलाया जा रहा है. आयोग का कहना है कि एक साफ-सुथरी और सटीक वोटर लिस्ट स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए बेहद ज़रूरी है.

क्या है यह स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन?

यह कोई मामूली सालाना अपडेट नहीं है. यह एक गहन जांच प्रक्रिया है, जिसमें लगभग हर वोटर का वेरिफिकेशन किया जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य हैं:

कैसे होगा यह काम?

यह अभियान पूरे देश में चलाया जाएगा. हालांकि, बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए वहां यह प्रक्रिया अलग से और पहले शुरू कर दी गई है. देश के बाकी हिस्सों के लिए तारीखों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा.

बिहार के उदाहरण से हम समझ सकते हैं कि यह प्रक्रिया कितनी गहन होगी:

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