

कोलकता. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आईटी प्रमुख प्रतीक जैन के घर छापेमारी की. इस दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी उनके घर पहुंचीं और ईडी की कार्रवाई पर नाराजगी जताई. ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी के आईटी प्रमुख के घर छापेमारी राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है और इस तरह की कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्री का सबसे घिनौना काम है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजनीतिक दलों के आईटी प्रमुखों के घर पर छापा मारना केंद्रीय गृह मंत्री का काम है.
ईडी ने वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले की जांच के तहत यह कार्रवाई की. जानकारी के अनुसार, ईडी ने देश के 6 राज्यों में 15 ठिकानों पर छापेमारी की और कोलकाता स्थित इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (IPAC) के कार्यालय में भी छापा मारा. ईडी का कहना है कि एक समूह लोगों को फर्जी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठग रहा था और इसी मामले की जांच के तहत यह कार्रवाई की गई है.

ईडी पर घर से जरूरी दस्तावेज चोरी का आरोप
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 6 बजे प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर ईडी की छापेमारी शुरू हुई, जो करीब 9 घंटे तक चली. दोपहर करीब 3 बजे जब ईडी की टीम वहां से रवाना हुई, उसके कुछ ही देर बाद प्रतीक जैन की पत्नी ने शेक्सपियर सरणी थाने में शिकायत दर्ज कराई. आगे ने बताया कि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि छापेमारी के दौरान घर से जरूरी दस्तावेज गायब हो गए. उन्होंने कहा कि ईडी के खिलाफ चोरी का औपचारिक आरोप मिला है. मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी.
ईडी पहुंची कलकत्ता हाईकोर्ट
इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कलकत्ता हाई कोर्ट से एक याचिका दायर करने की इजाजत मांगी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के ऑफिस और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर रेड के दौरान उसकी जांच में दखल दिया गया. एजेंसी के वकील ने न्यायमूर्ति सुव्रा घोष के समक्ष कहा कि एजेंसी को जांच के दौरान बाधा पहुंचाई गई और उसे बिना हस्तक्षेप के जांच करने की अनुमति दी जानी चाहिए.



