
रांची. डोरंडा थाना में विशाल कुमार ने सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगी करने का आरोप लगाते हुए केस किया है. राजभवन सचिवालय में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर 7.5 लाख रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगाया गया है.
विशाल कुमार ने पुलिस को बताया कि उनकी मुलाकात शंभू चौधरी, परवेज खान और आशीष निशांत से हुई थी. इन तीनों ने मिलकर उन्हें राजभवन सचिवालय में क्लर्क की नौकरी दिलाने का झांसा दिया और साढ़े सात लाख की भारी रकम ऐंठ ली.
विशाल कुमार का आरोप है कि यह पैसा देने के दो साल बाद भी न तो उन्हें नौकरी मिली और न ही पैसा वापस किया गया. उल्टा, जब उन्होंने पैसे की मांग की तो धमकी, गाली गलौज और टालमटोल का सामना करना पड़ा.
विशाल ने आगे बताया कि ठगी यहीं तक सीमित नहीं रही. आरोपित परवेज खान के कहने पर उन्होंने अपनी सोने की चेन आइआइएफएल शहीद चौक में गिरवी रखी, जिसके माध्यम से 33 हजार का लोन लिया गया. यह लोन परवेज खान के आधार कार्ड से पास हुआ, क्योंकि उसके पास स्थानीय (लोकल) आधार कार्ड था.
शिकायत में विशाल ने आरोप लगाया है कि इस ठगी गिरोह का सरगना शंभू चौधरी है, जो पहले किसी सरकारी विभाग में कार्यरत थे और अब दुमका सचिवालय से सेवानिवृत्ति के कगार पर हैं. वे रातू रोड, गैलेक्सी माल के समीप अपने निजी मकान में रहते हैं, जहां उनके नाम पर दुकानें भी किराये पर दी गई है.
उनका दावा है कि शंभू चौधरी के माध्यम से ही परवेज और आशीष जैसे लोग भोले भाले लोगों को नौकरी का झांसा देकर पैसे ऐंठते हैं. इतना ही नहीं, शंभू चौधरी ने पीड़ित के दो अन्य परिचितों से भी तीन लाख रुपये लिए थे, जिन्हें दबाव बनाने पर वापस कर दिया गया, लेकिन विशाल का पैसा अब तक नहीं लौटाया गया है.
