
US China Trade War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump Tariffs) के टैरिफ ने चीन में गदर मचा दिया है. ट्रंप द्वारा चीन पर 104 प्रतिशत टैरिफ (104% tariff) लगाने के बाद हर तरफ भदगड़ मच गई है. हालात यह हो गए हैं कि बीच समंदर में ही माल छोड़कर राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के एक्सपोर्टर्स भाग रहे हैं. अमेरिका और चीन के बीच शुरू हुई इस इकोनॉमिक वॉर (economic war) ने चाइनीज ने एक्सपोर्टर्स में दहशत फैला दी है. चाइनीज एक्सपोर्टर्स टैरिफ के खौफ से इतने डरे हैं कि बीच समंदर अपना माल छोड़कर भाग रहे हैं.
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर मंगलवार देर रात (भारतीय समानुसार) 50 प्रतिशत टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया है. इससे पहले 20 पर्सेंट और फिर 34 पर्सेंट टैरुफ को बढ़ाया ता. इस तरह अनमेरिका ने चीन से आयातित सामानों पर कुल 104 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है.
साउथ चाइना पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में लिस्टेड एक एक्सपोर्ट कंपनी के कर्मचारी ने कहा कि ट्रंप सरकार के नए टैरिफ के बाद उनकी अमेरिका को होने वाली डेली शिपमेंट 40-50 कंटेनर से गिरकर सिर्फ 3-6 कंटेनर रह गई है. अमेरिका ने चीन के सामान पर 104 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया है, जिससे कुल टैरिफ 115 फीसदी तक पहुंच गया है. इन नए टैरिफ ने बीजिंग को गुस्सा दिलाया है और ग्लोबल मार्केट्स में हड़कंप मचा दिया है. डर है कि इससे ट्रेड वॉर छिड़ सकता है.
कंपनियां फिलीपींस, वियतनाम, इंडोनेशिया और मलेशिया से सभी शिपिंग प्लान रोकी
चीन में लिस्टेड एक एक्सपोर्ट कंपनी के कर्मचारी ने बताया, “हमने फिलीपींस, वियतनाम, इंडोनेशिया और मलेशिया से सभी शिपिंग प्लान रोक दिए हैं. हर फैक्ट्री ऑर्डर रद्द हो गया है. जो माल अभी तक लोड नहीं हुआ, उसे स्क्रैप किया जा रहा है और जो समंदर में है, उसकी नई कीमत लगाई जा रही है. एक क्लाइंट ने तो कंपनी को बताया कि वह समंदर में पहले से भेजे गए माल को छोड़ रहा है और शिपिंग कंपनी को दे रहा है, क्योंकि “टैरिफ लगने के बाद इसे कोई नहीं खरीदेगा.
चीन के एक्सपोर्टर्स को हो रहा घाटा
कर्मचारी ने कहा, “अब हर कंटेनर पर इतना नुकसान हो रहा है, जितना पहले 2 कंटेनर से मुनाफा होता था. ऐसे में यह काम कौन करेगा?” चीन के एक्सपोर्टर्स अब अमेरिका की जगह यूरोप और जापान की ओर रुख कर रहे हैं, ताकि ट्रेड वॉर के तूफान से बचा जा सके.
चीन में नौकरियां जाने का डर
नए टैरिफ और अनिश्चित बाजार के चलते एक्सपोर्टर्स अपने ऑपरेशन्स कम कर रहे हैं. कई फैक्ट्रियों में काम के घंटे घटाए जा रहे हैं और कर्मचारियों को कम शिफ्ट में काम करने को कहा जा रहा है. जिस कंपनी का कर्मचारी बात कर रहा था, उसके अमेरिकी ब्रांच ने फ्रंटलाइन वर्कर्स की छंटनी शुरू कर दी है, क्योंकि डिमांड बुरी तरह प्रभावित हुई है.
चीन पर कैसे लगा 104 प्रतिशत टैक्स
अमेरिका ने अब चीन से आने वाले सामान पर कुल 104 प्रतिशत टैक्स लगा दिया है. ये टैक्स तीन हिस्सों में लगाया गया है:
- सबसे पहले अमेरिका ने इस साल की शुरुआत में 20 प्रतिशत टैक्स लगाया था.
- फिर 2 अप्रैल को 34 प्रतिशत का “रिसिप्रोकल टैरिफ” लगाया गया.
- अब डोनाल्ड ट्रंप ने 50 प्रतिशत का नया टैक्स और जोड़ दिया है.
- इन तीनों को मिलाकर अब कुल 104 प्रतिशत टैक्स हो गया है.
ट्रंप सरकार का कहना है कि ये कदम अमेरिका के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है. ट्रंप का मानना है कि कई देश, खासकर चीन, व्यापार के मामले में अमेरिका के साथ ठीक बर्ताव नहीं कर रहे हैं. इसलिए वो चीन से कह रहे हैं कि वह अपनी व्यापार और टैक्स से जुड़ी नीतियों को बदले. इसी वजह से अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक रिश्ते और भी बिगड़ते जा रहे हैं.
शी जिनपिंग ने अमेरिाक को दिया संदेश
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ तत्काल जवाबी कार्रवाई करने का फैसला किया है. जापान, वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देश पहले ही अमेरिकी दबाव के आगे झुक चुके हैं. चीन ने साफ संदेश दिया है कि अगर अमेरिका व्यापार युद्ध चाहता है तो वो इसका सामना करने के लिए तैयार है. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र पीपल्स डेली ने रविवार को एक टिप्पणी में लिखा: ‘अमेरिकी टैरिफ का असर जरूर होगा, लेकिन ‘आसमान नहीं गिरेगा.
