
Dehradun. उत्तराखंड में चमोली जिले के माणा गांव स्थित सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के शिविर में हिमस्खलन के कारण कई फुट बर्फ के नीचे फंसे श्रमिकों में से एक की मौत हो गयी और 49 को सुरक्षित निकाल लिया गया. इस बीच, फंसे हुए बाकी श्रमिकों को निकालने के लिए शनिवार को फिर से बचाव अभियान शुरू किया गया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
अधिकारियों ने बताया कि पांच श्रमिकों की तलाश जारी है. उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात तक 33 श्रमिकों को निकाल लिया गया था. सेना के अनुसार, शुक्रवार को सुबह साढ़े पांच से छह बजे के बीच हुए हिमस्खलन के कारण माणा और बदरीनाथ के मध्य स्थित बीआरओ का शिविर बर्फ में समा गया था जिससे आठ कंटेनर और एक शेड में 55 श्रमिक फंस गए थे.
शुक्रवार को बारिश और बर्फबारी के कारण बचाव अभियान में बाधा उत्पन्न हुई और रात में अभियान को कुछ देर के लिए रोक दिया गया.
शनिवार को मौसम साफ होने पर बचाव अभियान में हेलीकॉप्टर की भी मदद ली गई.मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को बचाव अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धामी से बात की और उन्हें पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एन.के. जोशी ने बताया कि माणा में तैनात सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों ने सुबह बचाव अभियान फिर से शुरू किया. सूत्रों ने बताया कि हिमस्खलन वाली जगह पर एक श्रमिक मौत हो गई.
अधिकारियों ने बताया कि 49 श्रमिकों को बचा लिया गया है और बाकी पांच की तलाश जारी है. बचाए गए श्रमिकों में से 11 को ज्योतिर्मठ में सेना के अस्पताल में लाया गया है. उनमें से एक की हालत गंभीर है, कुछ लोगों की हड्डी टूट गई है और अन्य को मामूली चोटें आई हैं.