
Varanasi. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के बनारस (मंडुवाडीह) रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर आठ से चार वंदेभारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई और बनारस से खजुराहो के लिए चलने वाली वंदेभारत को रवाना किया. ये वाराणसी को मिलने वाली 8वीं वंदे भारत है. नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-बेंगलुरु मार्गों पर चलेंगी. प्रमुख गंतव्यों के बीच यात्रा के समय को उल्लेखनीय रूप से कम करने के जरिए, ये ट्रेनें क्षेत्रीय गतिशीलता में वृद्धि करेंगी, पर्यटन को बढ़ाएंगी और देश भर में आर्थिक कार्यकलापों को बढ़ावा देंगी.
इनमें बनारस–खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस सीधी कनेक्टिविटी देगी. मौजूदा विशेष ट्रेनों के मुकाबले वंदे भारत एक्सप्रेस से करीब 2 घंटे 40 मिनट की मिनट बचत होगी. यह ट्रेन वाराणसी, प्रयागराज और चित्रकूट जैसे प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों को जोड़ेगी. इसी तरह लखनऊ–सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस लखनऊ से सहारनपुर की दूरी लगभग 7ः45 मिनट में पूरी करेगी. इससे लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर और सहारनपुर के यात्रियों को लाभ होगा. इसके जरिए रुड़की होते हुए हरिद्वार तक की यात्रा भी आसान हो जाएगी. फिरोजपुर–दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस अपने रूट की सबसे तेज ट्रेन होगी.
इसके जरिए दिल्ली से बठिंडा और पटियाला जैसे पंजाब के प्रमुख शहरों के बीच संपर्क मजबूत होगा. एर्नाकुलम–बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस एर्नाकुलम से बेंगलुरु 8 घंटे 40 मिनट में पहुंचेगी. इससे लगभग यात्रियों का 2 घंटे से अधिक के समय की बचत होगी.
इसके पहले स्टेशन पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को वाराणसी में चार नयी ‘वंदे भारत’ एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और कहा कि देश के अनगिनत तीर्थ क्षेत्र वंदे भारत के नेटवर्क से जुड़ रहे हैं और यह भारत की विरासत के शहरों को देश के विकास का प्रतीक बनाने की दिशा में एक अहम कदम है.
प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के बनारस रेलवे स्टेशन पर चार नयी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. ये नयी रेलगाड़ियां बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-बेंगलुरु मार्गों पर चलेंगी. मोदी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि भारत में सदियों से तीर्थ यात्राओं को देश की चेतना का माध्यम कहा गया है.
ये यात्राएं केवल देव दर्शन का मार्ग नहीं हैं बल्कि भारत की आत्मा को जोड़ने वाली परंपरा भी हैं. प्रयागराज, अयोध्या, हरिद्वार, चित्रकूट और कुरुक्षेत्र जैसे अनगिनत तीर्थ क्षेत्र हमारी आध्यात्मिक आस्था के केंद्र हैं.
