
Vetican City/New Delhi.इतिहास के पहले उत्तरी अमेरिकी पोप, पोप लियो 14वें ने अपनी पहली प्रार्थना सभा की शुरुआत में कार्डिनल को अंग्रेजी में संबोधित करते हुए कैथलिक से जुड़ी आस्था का प्रसार करने में उनका सहयोग मांगा. उन्होंने सभी कार्डिनल (उच्च पादरियों) से कहा, ‘‘आपने मुझे क्रॉस ले जाने और आशीर्वाद पाने के लिए बुलाया है. यह पहली बार था जब लियो ने सार्वजनिक टिप्पणी अंग्रेजी में की। इससे पहले उन्होंने बृहस्पतिवार को सेंट पीटर बेसिलिका के लॉजिया (बरामदे) से दुनिया के लिए अपने पहले संदेश में केवल इतालवी और स्पेनिश में बात की थी. लियो ने शुक्रवार को सिस्टिन चैपल में अपने उपदेश की शुरुआत में उन्हें चुनने वाले कार्डिनल के सामने अपनी बात रखी.
इधर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को पोप लियो-चौदहवें को भारतवासियों की ओर से शुभकामनाएं और बधाई दी तथा कहा कि भारत साझा मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए कैथोलिक चर्च की सरकार के सर्वोच्च केंद्रीय शासी निकाय (होली सी) के साथ निरंतर संवाद और जुड़ाव के लिए प्रतिबद्ध है.
रॉबर्ट प्रीवोस्ट को बृहस्पतिवार को पोप घोषित किया गया, जो कैथोलिक चर्च के इतिहास में अमेरिका से पहले पोप चुने गये. ऑगस्टिनियन धार्मिक आदेश के अनुसार, 69-वर्षीय प्रीवोस्ट को पोप लियो-चौदहवां नाम दिया गया है.
मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, मैं भारत के लोगों की ओर से परम पावन पोप लियो-चौदहवें को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देता हूं. कैथोलिक चर्च का उनका नेतृत्व शांति, सद्भाव, एकजुटता और सेवा के आदर्शों को आगे बढ़ाने के गहन महत्व के क्षण में आता है. उन्होंने कहा कि भारत हमारे साझा मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए ‘होली सी’ के साथ निरंतर संवाद और जुड़ाव के लिए प्रतिबद्ध है. होली सी को ‘एपोस्टोलिक सी’ या ‘सी ऑफ रोम’ के रूप में भी जाना जाता है, जो कैथोलिक चर्च और वेटिकन सिटी स्टेट का केंद्रीय शासी निकाय है.
