


जमशेदपुर. शहर के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के दिग्गज नेता और पूर्व जिला अध्यक्ष राधे प्रसाद यादव का आज तड़के सुबह 4 बजे टाटा मेन अस्पताल (टीएमएच) में इलाज के दौरान निधन हो गया. यादव लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे. आज तड़के सुबह 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. राधे प्रसाद यादव का अंतिम संस्कार सोमवार को ही स्वर्णरेखा घाट पर किया जाएगा.
उनके निधन की खबर से राजद कार्यकर्ताओं, स्थानीय नेताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है. जमशेदपुर पश्चिमी के जदयू विधायक सरयू राय ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें राजद की नींव का आधारस्तंभ बताया.
उनके निधन से कुछ समय पहले उनकी पत्नी अंजोरा देवी का भी देहांत हुआ था, जिसने उनके परिवार को दोहरे दुख में डाल दिया है. राधे प्रसाद यादव जमशेदपुर के राजनीतिक परिदृश्य में एक जाना-माना नाम थे. वे राजद के उन नेताओं में से थे, जिन्होंने पार्टी को स्थानीय स्तर पर मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए कई आंदोलनों, धरनों और रैलियों में सक्रिय भागीदारी की. उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय बनाया.
राधे यादव ने अपने राजनीतिक करियर में दो बार जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा. राधे प्रसाद यादव का योगदान केवल राजनीति तक सीमित नहीं था. वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय थे और समाज के कमजोर वर्गों के लिए हमेशा आवाज उठाते थे. राजद की सलाहकार समितियों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी, जहां वे संगठन की रणनीतियों को तैयार करने में मदद करते थे.



