Site icon Lahar Chakra

भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका भाषाओं को लेकर एकजुटता बनाने का संकल्प, मंत्रियों व विधायकों से मिलेंगे

Ranchi : रांची के हरमू में रविवार को अखिल भारतीय भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक मंच अध्यक्ष कैलाश यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई. बैठक में राज्य की नियोजन नीति से इन क्षेत्रीय भाषाओं को हटाए जाने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई.

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मंच की ओर से एक विशेष प्रतिनिधिमंडल गठित किया जाएगा, जो सरकार में भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका भाषाएं बोलने वाले मंत्रियों व विधायकों से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा.

मंच अध्यक्ष कैलाश यादव ने बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल मंत्री राधाकृष्ण किशोर, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो जैसे जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेगा. यादव ने कहा कि इन भाषाओं को द्वितीय राजभाषा का दर्जा तो प्राप्त है, लेकिन उन्हें नियोजन नीति की सूची से हटा दिया गया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि भाषाई अस्मिता की रक्षा के लिए मंच सरकार को लगातार जनजागरण बैठकों के माध्यम से अवगत कराता रहा है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. बैठक में वरिष्ठ नेता अमरनाथ झा ने अध्यक्ष के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए विशेष प्रतिनिधिमंडल के गठन का स्वागत किया.

बैठक में मुख्य रूप से कैलाश यादव, अमरनाथ झा, सुरेन्द्र मिश्रा, राधेश्याम यादव, चंद्रदेव मंडल, रामकुमार सिंह, सुधीर गोप, कुंदन सिंह, सुनील पांडेय, उमेश राय, बबन यादव, जितेंद्र यादव, विभाकर कुमार, राजेश झा, ब्रजकिशोर झा, दीनानाथ पासवान, शिवकुमार राय, महानंद, भुवन किशोर झा और सुबोध ठाकुर शामिल रहे.

Exit mobile version