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West Singhbhum:  जिला परिवहन कार्यालय के मोटर यान निरीक्षक तथा जिला सडक सुरक्षा टीम के द्वारा सडक सुरक्षा को लेकर चलाया गया जागरूकता अभियान, जाने क्या है माननीय सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त दिशा-निर्देश एवं सुरक्षा मानक 

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West Singhbhum: पश्चिमी सिंहभूम जिला परिवहन कार्यालय के मोटर यान निरीक्षक तथा जिला सडक सुरक्षा टीम के द्वारा सडक सुरक्षा को लेकर डीपीएस विद्यालय- चक्रधरपुर में जागरूकता अभियान चलाया गया। जिसमें सभी विद्यार्थियों को सडक सुरक्षा के तहत ट्रैफिक नियम, रोड मार्किंग, संकेत बोर्ड सहित नियम उलंघन करने पर होने वाली कार्रवाई के बारे में बताया गया, साथ ही सरकार द्वारा चलाये जा रहे गुड समेरीटन योजना तथा दुर्घटना पीड़ित परिवार को मिलने वाले मुआवजे के बारे में जानकारी दी गयी।

इस क्रम में सभी को सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी तय कर कहा गया कि अपने घर/विद्यालय/गांव/समाज से कोई भी यातायात नियमों का उल्लंघन ना करें तथा दुर्घटना के मुख्य कारण तेज रफ़्तार व नशे का सेवन कर वाहन परिचालन नहीं करने, साथ ही हेलमेट व सीट बेल्ट जैसे- सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए सभी को प्रेरित करें।

इस दौरान मोटर यान निरीक्षक के द्वारा विद्यालय के स्कूल बसों तथा अन्य वाहनों का निरीक्षण किया गया। मोटर यान निरीक्षक के द्वारा बताया गया कि देश का भविष्य बच्चे तय करते हैं, उनके सुरक्षा की जिम्मेदारी हम सभी की है। सड़कों पर बच्चो को सुरक्षित रखने के लिए परिवहन संबधित कागजात के साथ माननीय सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त दिशा निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। जो विद्यालय प्रबंधक एवं वाहन स्वामी इसकी अवहेलना करते पाए जायेंगे, उनके विरुद्ध नियम सम्मत कारवाई की जाएगी।

माननीय सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त दिशा-निर्देश एवं सुरक्षा मानक निम्न हैं:-

◆ स्कूल बस के आगे एवं पीछे सुस्पष्ट शब्दों में ‘स्कूल बस’ अंकित होना।

◆ यदि वाहन किराये का है, तो ‘On School Duty’ बस के आगे एंव पीछे अंकित हो।

◆ प्राथमिक उपचार बॉक्स प्रत्येक स्कूल बस में उपलब्ध होना अनिवार्य है।

◆ स्कूल बस के प्रत्येक खिडकी में लोहे का ग्रील (जाली) लगाया जाना है।

◆ प्रत्येक स्कूल बस में अग्निशमन की सुविधा उपलब्ध रहे।

◆ प्रत्येक स्कूल बस में स्कूल का नाम एवं दूरभाष संख्या अनिवार्य रूप से अंकित रहे।

◆ स्कूल बस के दरवाजा में विश्वसनीय लॉक लगा हुआ हो।

◆ स्कूल बस में छात्र-छात्राओं का स्कूल बैग रखने हेतु पर्याप्त जगह उपलब्ध हो।

◆ विद्यालय की ओर से प्रत्येक स्कूल बस में एक अटेंडेंट अनिवार्य रूप से प्रतिनियुक्त हो।

◆ स्कूल बस की अधिकतम गति सीमा 40 कि.मी. निर्धारित है।

◆ स्कूली बस चालक के पास लाईसेन्स (HMV/LMV) उपलब्ध रहे, जो कम से कम पांच वर्ष पुराना हो।

◆ स्कूली बस चालक का ड्रेस कोड निर्धारित है।

◆ स्कूल बस चालक के पास बस से ले जा रहे बच्चों की सूची उपलब्ध हो, जिसमें बच्चों का नाम, वर्ग, आवासीय पता, ब्लड ग्रुप, ठहराव और रुटचार्ट अंकित रहे।

 

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