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XLRI जमशेदपुर में ऑपरेशंस और सप्लाई चेन कॉन्क्लेव ‘क्लॉकस्पीड’ का छठा संस्करण आयोजित, विशेषज्ञों ने दिये ये सुझाव

Jamshedpur.XLRI जमशेदपुर में ऑपरेशंस और सप्लाई चेन कॉन्क्लेव ‘क्लॉकस्पीड’ का छठा संस्करण आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “सिंक्रोनाइज्ड होराइजन्स: इंटीग्रेटिंग एजिलिटी, सस्टेनेबिलिटी एंड टेक” रखा गया, जिसमें उद्योग जगत के दिग्गजों और शिक्षाविदों ने आधुनिक सप्लाई चेन की बदलती गतिशीलता पर अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक डॉ. (फादर) जॉर्ज सेबेस्टियन, एस.जे. और अन्य वरिष्ठ प्रोफेसरों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अपने संबोधन में फादर जॉर्ज सेबेस्टियन ने उद्योग और शिक्षा जगत के बीच निरंतर संवाद की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि आज के कॉर्पोरेट जगत की सबसे बड़ी चुनौती स्थिरता और तकनीक के बीच संतुलन बनाना है।वहीं प्रोफेसर जे. अजीत कुमार और प्रोफेसर सुनील कुमार सारंगी ने वैश्विक संकटों का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे नवाचार के माध्यम से जटिल वैश्विक परिदृश्य में जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ा जा सकता है।कॉन्क्लेव के दौरान दो महत्वपूर्ण पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं। पहली चर्चा में कॉग्निजेंट, टाटा स्टील और सेंचुरी प्लाईबोर्ड्स जैसी प्रमुख कंपनियों के विशेषज्ञों ने रसद और ऑर्डर पूर्ति में उभरती प्रौद्योगिकियों पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि सप्लाई चेन अब केवल बैक-ऑफिस का काम नहीं बल्कि बोर्डरूम की प्राथमिकता बन गई है, जहां डेटा गवर्नेंस और स्मार्ट तकनीक दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।दूसरी पैनल चर्चा “स्ट्रैटेजिक ग्रीन इंजन” पर केंद्रित रही, जिसमें टाटा स्टील, इंडियन ऑयल और डेल्हीवरी के नेतृत्वकर्ताओं ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि स्थिरता अब केवल नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकास का एक रणनीतिक चालक बन गई है।

चर्चा में सर्कुलर इकोनॉमी, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक वाहनों और रिवर्स लॉजिस्टिक्स के माध्यम से विकास और पर्यावरणीय सुरक्षा के एकीकरण पर गहराई से मंथन किया गया।इस आयोजन ने छात्रों को उद्योग के विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने और समकालीन चुनौतियों को समझने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान किया।

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