
जमशेदपुर।
केंद्र में मोदी सरकार के 11 वर्ष पूरे होने के अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने सोमवार को जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित चैंबर भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बीते एक दशक में सरकार द्वारा किए गए कार्यों और राष्ट्रीय स्तर पर हुए बदलावों को विस्तार से गिनाया।
मरांडी ने कहा कि 2014 से पहले भारत आए दिन बम धमाकों और आतंकी हमलों से सहमा रहता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने आतंकवादियों को सख्त जवाब दिया। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और हाल ही में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने अब आतंकी गतिविधियों पर निर्णायक कार्रवाई की है। उनका दावा है कि देश में उग्रवाद की घटनाओं में 70% की गिरावट आई है और जल्द ही भारत को उग्रवादमुक्त बनाया जाएगा।
भ्रष्टाचार पर सरकार की नीतियों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का स्पष्ट संदेश—“ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा”—अब प्रशासन में पारदर्शिता की बुनियाद बन चुका है। सरकारी योजनाओं का लाभ अब सीधे लाभार्थियों को मिल रहा है और लीक सिस्टम में काफी हद तक सुधार हुआ है।
मरांडी ने आत्मनिर्भर भारत की बात करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र में आज 60% उपकरण देश में ही बन रहे हैं। उन्होंने चेनाब ब्रिज, दो गुना एम्स, नए एक्सप्रेस-वे, हवाई अड्डे और गांव-गांव तक पक्की सड़कों के निर्माण को इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांतिकारी बदलाव बताया।
डिजिटल इंडिया के अंतर्गत भारत की वैश्विक पहचान पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि विश्व के कुल डिजिटल ट्रांजेक्शन में से 46% अब भारत में हो रहे हैं। इसके अलावा मोदी सरकार ने 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है—जो वैश्विक स्तर पर एक मिसाल है।
मरांडी ने कहा कि कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में अब शांति और विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने झारखंड सरकार पर विदेशी घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए इसे राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।
