


Ranchi. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोमवार को खेलगांव स्थित मरांग गोमके जयपाल सिंह स्टेडियम में आयोजित 68वीं अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट-2025 का गुब्बारा उड़ाकर उदघाटन किया. मौके पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, मानव तस्करी व संगठित अपराध जैसी चुनौतियां बढ़ रही हैं. इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस बल को अत्याधुनिक तकनीकों व विशिष्ट कौशल से सुसज्जित होना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले लागू किये गये नये आपराधिक कानून हमारी न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी व समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक सरल, सुलभ व पीड़ित केंद्रित बनाना है. जिससे अपराधियों को त्वरित सजा मिल सके व पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिले.
यह आयोजन पुलिस बल को आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा और उनकी क्षमताओं को और अधिक सशक्त बनायेगा. यह सुनिश्चित करना होगा कि पुलिस बल नवीनतम तकनीकी संसाधनों से लैस हो, ताकि वे अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध, आतंकवाद व अन्य जटिल चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें. साथ ही आमलोगों व पुलिस के बीच विश्वास और समन्वय को बेहतर करना भी प्राथमिकता होनी चाहिए.
राज्यपाल ने कहा कि इस तरह का आयोजन पुलिस बल की कार्यकुशलता को प्रदर्शित करता है. वहीं आपसी सहयोग, नवीन तकनीकों के आदान-प्रदान व पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करता है. पुलिस बल किसी भी राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा, शांति व कानून-व्यवस्था का मजबूत आधार स्तंभ हैं. प्रतिकूल परिस्थितियों में भी जनहित व राज्य हित में पुलिस बल समर्पित भाव से कार्य करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं. समाज और राज्य की सुरक्षा के लिए अनेक पुलिसकर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी है. पर्व-त्योहारों, चुनाव कार्यों, प्राकृतिक आपदाओं या उग्रवाद से निपटने की चुनौती हो, वे हर परिस्थिति में पूरी निष्ठा, साहस व ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं. उनका यह बलिदान, त्याग व सेवा की भावना सभी को प्रेरित करता रहेगा. प्रधानमंत्री ने स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना की है. जिसमें पुलिस बल को अधिक संवेदनशील, आधुनिक, सतर्क, जवाबदेह व तकनीक प्रेरित बनाने का आह्वान किया गया है.
पुलिस सेवा केवल कानून व्यवस्था के संधारण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में शांति, महिला सशक्तीकरण, बाल संरक्षण, ट्रैफिक प्रबंधन और आपदा प्रबंधन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भी इसका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है. कार्यक्रम के दौरान झारखंड आइआरबी की टीम ने शानदार नृत्य पेश किया. नृत्य के जरिये झारखंड के आदिवासियों के रहन-सहन व कार्यों का बखूबी मंचन किया गया. वहीं छऊ नृत्य की प्रस्तुति ने भी लोगों का मनोरंजन किया. कार्यक्रम के दौरान डीजी वायरलेस प्रशांत सिंह ने झारखंड पुलिस द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी. वहीं सीआइडी के आइजी असीम विक्रांत मिंज ने स्वागत भाषण व आइजी सुदर्शन मंडल ने धन्यवाद ज्ञापन किया. मौके पर गृह विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल व पुलिस के वरीय अफसर मौजूद थे.



