


Ranchi.राजधानी के मोरहाबादी मैदान में भाजपा युवा मोर्चा की आक्रोश रैली में अफरा-तफरी का माहौल रहा. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी का भाषण चल रहा था. उधर, कुछ कार्यकर्ता सीएम आवास तक मार्च करने के लिए बैरिकेडिंग के पास जमा हो गये थे. इसी समय पुलिस ने भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने के लिए आंसू गैस के गोले बरसाने शुरू कर दिये. वाटर कैनन से पानी की बौछार और रबर बुलेट से कार्यकर्ताओं को रोका गया. पूरे मैदान में कार्यकर्ताओं के बीच भगदड़ मच गयी. आंसू गैस और रबर बुलेट से मची अफरा-तफरी में पूर्व सांसद यदुनाथ पांडेय सहित कई कार्यकर्ता घायल हो गये. घायल लोगों को एंबुलेंस से मोरहाबादी के हेल्थ प्वाइंट और रिम्स भेजा गया. प्रशासन ने रैली में आये भाजपा व भाजयुमो कार्यकर्ताओं से निबटने के लिए मोरहाबादी मैदान के चारों तरफ जबरदस्त बैरिकेडिंग की थी.
पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के आवास और ऑक्सीजन पार्क के पास कंटीले तार से बैरिकेडिंग की गयी थी. इसे पार करना कार्यकर्ताओं के लिए आसान नहीं था. मोरहाबादी मैदान से सीएम आवास की ओर जानेवाले हर रास्ते पर पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स तैनात थी. भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए मोरहाबादी मैदान से बाहर निकलना मुश्किल था. भाजपा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद दीपक प्रकाश, सांसद समीर उरांव, मनीष जायसवाल, ढुलू महतो, सीपी सिंह, विरंची नारायण, अनंत ओझा, नवीन जायसवाल सहित कई विधायक ऑक्सीजन पार्क की ओर से सीएम आवास कूच करने निकले. इधर, प्रतिपक्ष के नेता अमर कुमार बाउरी और विधायक भानु प्रताप शाही शिबू सोरेन के आवास की ओर से सीएम आवास घेरने निकले. दोनों ओर से कार्यकर्ताओं के बैरिकेडिंग के पास पहुंचते ही, पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी. पहले पानी की बौछार हुई, इसके बाद दनादन आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट से भीड़ को तितर-बितर किया गया.
मोरहाबादी में करीब डेढ़ घंटे तक माहौल अशांत रहा. पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ प्रदेश अध्यक्ष श्री मरांडी, अर्जुन मुंडा, दीपक प्रकाश, ढुल्लू महतो, गीता कोड़ा सहित कई नेता बीच मैदान में ही धरने पर बैठ गये. पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ कार्यकर्ता भी नारेबाजी करते रहे. देर शाम भाजपा को आला नेता घायल कार्यकर्ताओं से मिलने रिम्स पहुंचे. आक्रोश रैली में भाजपा नेता सरकार पर जमकर बरसे. हेमंत सोरेन सरकार पर युवाओं को ठगने का आराेप लगाया. भाजपा नेताओं ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार झूठा वादा कर सत्ता में आयी है. युवाओं को हर साल पांच लाख नौकरी, बेरोजगारी भत्ता देने और संविदाकर्मियों को नियमित करने का वादा पूरा नहीं किया. इस सरकार से युवा चुनाव में हिसाब लेंगे.



