



New Delhi. सोने की कीमतों में तेज उछाल के बीच चांदी के आभूषणों की बढ़ती मांग को देखते हुए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने उनकी (चांदी के आभूषणों की) जांच क्षमता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। बीआईएस अगले दो साल में देशभर में चांदी के आभूषणों की जांच के लिए ‘संदर्भ’ और ‘परीक्षण’ प्रयोगशालाओं का विस्तार करेगा। बीआईएस की उप महानिदेशक (प्रयोगशाला) निशात एस हक ने बताया कि चांदी के आभूषणों की जांच की बढ़ती जरूरत को देखते हुए संगठन ने अपनी तैयारियों का आकलन कर लिया है और अब अपनी प्रयोगशालाओं में बड़े पैमाने पर जांच के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि अगले करीब दो साल तक बीआईएस अपनी मौजूदा प्रयोगशालाओं के जरिये बढ़ी हुई जरूरत को पूरा करने में सक्षम होगा। इस अवधि के दौरान देशभर में संदर्भ और परीक्षण प्रयोगशालाओं का विस्तार किया जाएगा।
चांदी की हॉलमार्किंग वर्ष, 2005 से स्वैच्छिक है। सितंबर, 2025 से हॉलमार्क वाले चांदी के आभूषणों पर हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआईडी) नंबर भी दिया जा रहा है, जिससे उपभोक्ता आभूषण की शुद्धता की जांच कर सकते हैं।

