Close Menu
Lahar ChakraLahar Chakra
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) YouTube Instagram
    Lahar ChakraLahar Chakra
    • Home
    • Jamshedpur
    • State
      • Jharkhand
      • Bihar
    • National
    • Politics
    • Crime
    • Elections
    • Automobile
    Lahar ChakraLahar Chakra
    Home»Crime»एक जुलाई से लागू भारतीय न्याय संहिता के तहत अब तक 5.56 लाख से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गयीं
    Crime

    एक जुलाई से लागू भारतीय न्याय संहिता के तहत अब तक 5.56 लाख से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गयीं

    News DeskBy News DeskSeptember 19, 2024
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email LinkedIn
    Follow Us
    Google News Flipboard
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Email

    New Delhi.भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के एक जुलाई को प्रभाव में आने के बाद से देशभर में 5.56 लाख से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी. नये आपराधिक कानूनों के सुचारु कार्यान्वयन के लिए गृह मंत्रालय ने कई मोबाइल एप्लिकेशन भी विकसित किये हैं जिनमें वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी के जरिए सबूतों को जुटाने, उन्हें संग्रहित करने और उन्हें पुन: हासिल करने के लिए ई-साक्ष्य भी शामिल हैं.

    इस ऐप को 22 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने अपनाया है। चौबीस राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने उसे परखा है. भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने क्रमश: औपनिवेशिक कालीन 1872 की भारतीय दंड संहिता, अपराध दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली है.

    Students Protest: जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में ‘अनियमितताओं’ पर सरकार से वार्ता के लिए प्रदर्शनकारियों ने बनायी 11 सदस्यीय टीम

    अधिकारी ने कहा कि एक जुलाई से तीन सितंबर तक बीएनएस के तहत देश में कुल 5.56 लाख प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं। वह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों में गृहमंत्रालय की उपलब्धियों की चर्चा कर रहे थे. इन नये आपराधिक कानूनों को शामिल करने के लिए अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली (आईसीजेएस) के सिलसिले में जरूरी सॉफ्टवेयर बनाये गये और लागू किए गए.

    Jharkhand: विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, जेपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में विपक्ष का विरोध प्रदर्शन

    नए आपराधिक कानूनों के अनुसार सीसीटीएनएस (अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम) में प्रमुख बदलावों में ई-कारावास, ई-फोरेंसिक, ई-अभियोजन, ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रॉनिक साधनों और इलेक्ट्रॉनिक संचार का उपयोग शामिल है.

    WhatsApp Channel Join Now
    Telegram Group Join Now
    5.56 lakh FIRs have been registered so far under the Indian Penal Code
    Share. Facebook Twitter WhatsApp LinkedIn Telegram Email Copy Link
    News Desk

    Related Posts

    Students Protest: जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में ‘अनियमितताओं’ पर सरकार से वार्ता के लिए प्रदर्शनकारियों ने बनायी 11 सदस्यीय टीम

    August 7, 2026

    Jharkhand: विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, जेपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में विपक्ष का विरोध प्रदर्शन

    August 7, 2026

    Jharkhand Highcourt: जेपीएससी अध्यक्ष का पद लंबे समय तक खाली नहीं छोड़ा जा सकता, झारखंड हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब, अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी

    August 7, 2026
    Recent Post

    Students Protest: जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में ‘अनियमितताओं’ पर सरकार से वार्ता के लिए प्रदर्शनकारियों ने बनायी 11 सदस्यीय टीम

    August 7, 2026

    Jharkhand: विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, जेपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में विपक्ष का विरोध प्रदर्शन

    August 7, 2026

    Jharkhand Highcourt: जेपीएससी अध्यक्ष का पद लंबे समय तक खाली नहीं छोड़ा जा सकता, झारखंड हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब, अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी

    August 7, 2026

    Jharkhand: CM हेमंत सोरेन ने 58 आधुनिक फायर टेंडर वाहनों को दिखाई हरी झंडी, संकरी गलियों, घनी आबादी वाले इलाकों तक आसानी से पहुंच सकेंगे, जहां बड़े दमकल वाहन नहीं पहुंच पाते

    August 7, 2026

    Jamshedpur: सर्च अभियान के पांचवें दिन मिला एनआइटी के छात्र का शव सोनारी दोमुहानी से मिला

    August 7, 2026
    Advertisement
    © 2026 Lahar Chakra. Designed by Forever Infotech.
    • Privacy Policy
    • Terms
    • Accessibility

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Join Laharchakra Group