


जमशेदपुर. दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी की तलहटी चांडिल के तुलाग्राम के पास बैल को मारने वाला जानवर बाघ ही है. वन विभाग की प्रारंभिक जांच में इसकी पुष्टि हुई है. वन विभाग ने घटनास्थल की जांच की और मारे गये जानवरों के अंगों की भी जांच की, जिसमें इसकी पुष्टि हुई है. दलमा के डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि चांडिल में जो बैल की मौत हुई है, उसकी जांच की गयी है, उसमें दांत के जो निशान पाये गये है, वह निशान बाघ के ही
वन विभाग की प्रारंभिक जांच में पुष्टि 4 ट्रैप कैमरे लगाये है. इसके अलावा पांव के निशान भी बाघ के ही लगते है.
बाघ का क्या लोकेशन है, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है. अभी चार ट्रैप कैमरा तुलाग्राम के पास लगाया गया है. जहां बैल की लाश पड़ी है, वहां भी कैमरा लगाया गया है. वन विभाग के मुताबिक, बाघ जब शिकार करता है तब पहले शिकार को मार देता है. उसको खाने के लिए वह बाद में आता है. ट्रैप कैमरे में रह कैद हो जाये तो बेहतर होगा. इस कारण बैल को अभी नहीं हटाया गया है. डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि आसपास के ग्रामीणों को हम लोगों ने अलर्ट कर दिया है.



