


Jamshedpur. जमशेदपुर के दोमुहानी संगम पर महोत्सव के तहत आयोजित संध्या आरती देखने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. शाम में आरती शुरू हुई. बनारस के पांच पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ सुवर्णरेखा की आरती की. जहां श्रद्धालुओं की हजारों आंखें टिकी रही. इसके साथ ही समिति की ओर से आयोजित दो दिवसीय दोमुहानी संगम महोत्सव का समापन हो गया. इससे पहले, मुख्य अतिथि विधायक सरयू राय ने सुवर्णरेखा नदी को स्वच्छ और जीवंत रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि नदी को हम मां कहते हैं, लेकिन जहां-जहां बड़े शहर हैं वहां की नदियां शहर की गंदगी ढोने वाली माल गाड़ी बन गयी हैं. सुवर्णरेखा और खरकई को हमें ऐसा नहीं होने देना है.
सभी अपने समय का छोटा हिस्सा निकाल नदी को साफ रखने में मदद करें. उन्होंने कहा कि सुवर्णरेखा को स्वच्छ रखने के लिए पांच हिस्से में बांटा गया है. इसका अंतिम और पांचवां भाग जो समुद्र में मिल गया है, वह तो साफ है. क्योंकि वहां किसी तरह की बसावट नहीं है. अन्य चार हिस्से को भी हमें प्रदूषण मुक्त बनाना है. कार्यक्रम में पहुंचे त्रिदंडी स्वामी ने कहा कि अगर हमें स्वस्थ और लंबी आयु चाहिए, तो नदियों को स्वच्छ रखना होगा. इस दौरान बीच-बीच में भारत माता और जय श्रीराम के जयकारे लगते रहे. कार्यक्रम में शंभूनाथ सिंह व अन्य शामिल हुए. संस्था के अध्यक्ष रवि सिंह की देखरेख में कार्यक्रम आयोजित हुआ. इसे सफल बनाने में समिति के सभी सदस्यों का योगदान रहा.
नदी पूजन के बाद लड्डू एवं तिलकुट बंटे
सुवर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट और युगांतर भारती के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को 20वां सुवर्णरेखा महोत्सव मनाया गया. मकर संक्रांति के दिन आयोजित इस महोत्सव में सोनारी स्थित दोमुहानी और पांडेय घाट पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया. महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक सरयू राय मौजूद थे. पंडित विनोद पांडेय ने नदी पूजन, पुष्प अर्पण और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नदी की आरती उतारी.



