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    Home»Headlines»ISRO ‘Spadex Mission’: अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला बन गया चौथा देश, इसरो ने ‘स्पेडेक्स मिशन’ के तहत सफलता पूर्वक की उपग्रहों की ‘डॉकिंग’,
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    ISRO ‘Spadex Mission’: अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला बन गया चौथा देश, इसरो ने ‘स्पेडेक्स मिशन’ के तहत सफलता पूर्वक की उपग्रहों की ‘डॉकिंग’,

    News DeskBy News DeskJanuary 17, 2025
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    Bangalore. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बृहस्पतिवार को ‘स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट’ (स्पेडेक्स) के तहत उपग्रहों की ‘डॉकिंग’ सफलतापूर्वक की. अंतरिक्ष एजेंसी ने यह भी घोषणा की कि ‘डॉकिंग’ के बाद, एक वस्तु के रूप में दो उपग्रहों पर नियंत्रण स्थापित करने की प्रक्रिया भी सफल रही. इसरो ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘भारत ने अंतरिक्ष इतिहास में अपना नाम दर्ज कर लिया है. सुप्रभात भारत, इसरो के स्पेडेक्स मिशन ने ‘डॉकिंग’ में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है.

    इस क्षण का गवाह बनकर गर्व महसूस हो रहा है.’ उपग्रहों की सफल ‘डॉकिंग’ के साथ ही भारत, अमेरिका, रूस और चीन के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा देश बन गया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में वैज्ञानिकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी. उन्होंने कहा, ‘उपग्रहों की अंतरिक्ष में ‘डॉकिंग’ के सफल प्रदर्शन के लिए इसरो के हमारे वैज्ञानिकों और पूरे अंतरिक्ष समुदाय को बधाई. यह आने वाले वर्षों में भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.’ इसरो ने कहा, ‘डॉकिंग’ के बाद एक वस्तु के रूप में दो उपग्रहों पर नियंत्रण स्थापित करने की प्रक्रिया भी सफल रही. आने वाले दिनों में ‘अनडॉकिंग’ और ‘पावर ट्रांसफर’ परीक्षण किया जाएगा.’’ इसरो की प्रशंसा करते हुए केंद्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘‘बधाई इसरो. आखिरकार हमने कर दिखाया. स्पेडेक्स ने अविश्वसनीय कार्य किया है… ‘डॉकिंग’ पूरी हो गई है… और यह पूरी तरह स्वदेशी ‘भारतीय डॉकिंग प्रणाली’ है.’

    उन्होंने कहा कि इस सफलता से भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन, चंद्रयान 4 और गगनयान सहित भविष्य के महत्वाकांक्षी मिशन के सुचारू संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा. सिंह ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निरंतर संरक्षण ने बेंगलुरु में इसरो के उत्साह को बढ़ाया है.’
    इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने भी मिशन को सफल बनाने वाली टीम को बधाई दी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस उपलब्धि के लिए इसरो को बधाई दी. खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमें इसरो के वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष इंजीनियरों के असाधारण काम पर बेहद गर्व है क्योंकि उन्होंने स्पेडेक्स मिशन के तहत उपग्रह ‘डॉकिंग’ को सफलतापूर्वक पूरा किया.’

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    उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे वर्षों की मेहनत से तैयार किया गया है और यह राष्ट्र की सामूहिक उपलब्धि है. इससे पहले 12 जनवरी को इसरो ने उपग्रहों को ‘डॉक’ करने के परीक्षण के तहत दो अंतरिक्ष यान को तीन मीटर की दूरी पर लाकर और फिर सुरक्षित दूरी पर वापस भेजा था.

    इसरो ने 30 दिसंबर, 2024 को ‘स्पेस डॉकिंग एक्सपेरीमेंट’ (स्पेडेक्स) मिशन को सफलतापूर्वक शुरू किया था. दो छोटे उपग्रहों, एसडीएक्स01 (चेजर) और एसडीएक्स02 (टारगेट) को 24 पेलोड के साथ ले जाने वाले पीएसएलवी सी60 रॉकेट ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले ‘लॉन्चपैड’ से उड़ान भरी थी और उड़ान भरने के करीब 15 मिनट बाद लगभग 220 किलोग्राम वजन वाले दो छोटे अंतरिक्ष यान को लक्षित तरीके से 475 किलोमीटर की गोलाकार कक्षा में प्रक्षेपित किया गया था.

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    इसरो के अनुसार, स्पेडेक्स मिशन दो छोटे अंतरिक्ष यान का उपयोग कर अंतरिक्ष में ‘डॉकिंग’ के लिए एक किफायती प्रौद्योगिकी मिशन है जिसे पीएसएलवी के जरिये लॉन्च किया गया था. अंतरिक्ष में ‘डॉकिंग’ तकनीक तब आवश्यक होती है जब सामान्य मिशन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए कई रॉकेट प्रक्षेपण की आवश्यकता होती है. यह प्रौद्योगिकी भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं जैसे चंद्रमा पर भारतीय मिशन, चंद्रमा से अनुसंधान के लिए नमूने लाना, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) का निर्माण और संचालन आदि के लिए आवश्यक है.

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    India became the fourth country to achieve this feat ISRO 'Spadex Mission': After America ISRO successfully 'docked' satellites under 'Spadex Mission' Russia and China
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