



रांची. झारखंड राज्य में अब विभिन्न विभागों में उच्च कुशलता प्राप्त प्रोफेशनल की संविदा पर नियुक्ति नहीं की जायेगी. सरकार ने राज्य में उच्च कुशलता प्राप्त प्रोफेशनल को संविदा के आधार पर सलाहकार सह विशेष सचिव के रूप में नियोजित करने संबंधी 29 मई 2015 के संकल्प को निरस्त कर दिया गया है. झारखंड मंत्रिपरिषद के फैसले के बाद इस संबंध में कार्मिक विभाग ने संकल्प जारी कर दिया है.
सरकार का मानना है की उक्त संकल्प के आधार पर मात्र तीन विभागों कृषि, सूचना जनंसपर्क, कल्याण विभाग ने ही नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की थी इनमें भी वर्तमान में सिर्फ कृषि विभाग में ही संविदा पर प्रोफेशनल कार्यरत है. इनका नियोजन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी करती थी जिन्हें विशेष सचिव स्तर का वेतन-सुविधा दिया जाता है.
लेकिन यह देखा जा रहा है कि अधिकांश विभाग विभागीय रोड मैप तैयार करने के लिए कंसलटेंट की सुविधा ले रहे हैं या फिर पीएमयू गठित की गयी है. ऐसे में इन्हें विशेष सचिव स्तर की सुविधा भी नहीं देनी पड़ती है. यह भी देखा गया कि कई प्रोफेशनल का सुझाव: से योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई प्रभावकारी परिवर्तन नहीं हो रहा है. ऐसे में इनकी आवश्यकता अब नहीं समझी जा रही थी, यही वजह है की 2015 के संकल्प को निरस्त कर दिया गया है.
हालांकि, कृषि विभाग में संविदा पर कार्यरत प्रोफेशनल प्रदीप कुमार हजारी को दिए गये दो वर्ष का सेवा विस्तार को फिलहाल रहने दिया गया है, यानि उनका कार्यकाल पूरा होते ही कृषि विभाग में भी सलाहकार सह विशेष सचिव का पद नहीं रहेगा. बता दें कि प्रदीप हजारी को ही सलाहकार के रूप में नियोजित रखने की आवश्यकता महसूस की गयी है, इसलिए इन्हें नियुक्ति के बाद से दो बार सेवा विस्तार मिल चुका है.


