


जमशेदपुर. भारत और चीन के संबंध सीमा विवाद को लेकर भी बीते कई दशकों में सामान्य नहीं रहे. सीमा पर तनाव हमेशा से ही देश और देशवासियों के लिए चिंता का विषय रही है. यदा-कदा चाईनिज उत्पाद के बहिष्कार की मांगें भी उठती रही है लेकिन चीन के सस्ते व बेहतर रेंज वाले उत्पादों से भारतीय बाजार पटे रहे और उनकी खरीदारी भी कभी प्रभावित नहीं रही है.
भारतीय बाजार में चीनी इस्पात की डंपिंग को लेकर मची बेचैनी के बीच जमशेदपुर के संस्थापक दिवस समारोह में चाईनीज लाईटों की धूम मची हुई है. लौहनगरी की सड़कें, पार्क और भवन चाईनीज लाइट से रोशन है. संस्थापक दिवस समारोह में चाईनीज लाइटों का बहुत इस्तेमाल किया गया है. टाटा संस के चेयरमैन समेत टाटा स्टील के बड़े अधिकारी इसी साज-सज्जा को देखकर फूले नहीं समा रहे !
कम लागत पर बेहतर रेंज में उपलब्ध चाईनीज लाइटें जरूरतों को पूरी करने का आसान जरिया है. इसलिए इसके इस्तेमाल पर न तो पाबंदी है और न ही रोक-टोक. हालांकि इसी चीन के लौह उत्पाद की डंपिंग से टाटा स्टील समेत देश की स्टील कंपनियां बेचैन है. चीनी डंपिंग को रोकने के लिए सरकार पर आवश्यक उपाय करने को लेकर कंपनियां लगातार दबाव बना रही है. मतलब साफ है कि उनकी यह पहल मात्र अपने व्यावसाय और हितों को संरक्षित करने तक सीमित है. क्योंकि जब दूसरे चाईनीज सस्ते उत्पाद के उपयोग की बात आती है तो उसके इस्तेमाल से इन्हें कोई गुरेज नहीं.



