


पटना. बिहार विधान परिषद में सोमवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोला. जदयू नेता भगवान सिंह कुशवाहा के भाषण के दौरान राबड़ी देवी ने सत्ताधारी दल को चुनौती देते हुए कहा, “आप बीजेपी का साथ छोड़िए, हम आपके साथ आ जाएंगे.” जदयू एमएलसी नीरज कुमार के जवाब देने पर राबड़ी देवी ने अतीत के सवाल उठाए और पूछा, “भागलपुर दंगा कब और किस सरकार के दौरान हुआ था?” नीरज कुमार ने बताया कि यह 1989 में कांग्रेस शासन के दौरान हुआ था. इस पर राबड़ी देवी ने पलटवार किया, “तो फिर हर बार जंगलराज की रट क्यों लगाई जाती है? आजादी के बाद क्या जंगलराज नहीं था?”
राबड़ी देवी ने केंद्र सरकार की जांच एजेंसियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “हम लोगों ने आज तक कोई चोरी नहीं की. ED और CBI ने भी कोई चोरी नहीं पकड़ी, फिर भी लालू यादव को सजा हुई.” उन्होंने खुलासा किया कि “पिछले दो दिनों में पूरे परिवार को नोटिस भेजा गया है, लेकिन हम भागने वाले नहीं हैं. बिहार हमारा घर है, और हम यहीं रहेंगे.”
आरक्षण के मुद्दे पर राबड़ी देवी ने जदयू पर निशाना साधते हुए कहा, “पंचायती राज में आरक्षण का विरोध सबसे पहले जदयू ने किया था. तब कहा गया था कि पहले चुनाव करवा लें, फिर आरक्षण लागू करेंगे. अब जदयू खुद को आरक्षण का समर्थक बताकर दूसरों पर आरोप लगा रहा है. यह नहीं चलेगा, आप लोग दोनों तरफ मिठाई खाना बंद करें.”
राबड़ी देवी ने बिहार की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा, “राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था ध्वस्त है, मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा. थानों में बिना पैसे के एफआईआर तक दर्ज नहीं हो रही. गरीबों के खाते में 15-15 लाख रुपए आने की बात तो दूर, वे दो वक्त की रोटी के लिए भी परेशान हैं.”
उन्होंने मांग की कि “कुंभ मेले में मारे गए बिहार के लोगों का सर्वे कर सरकार उन्हें मुआवजा दे.” साथ ही उन्होंने कहा कि “राज्य में लड़कियों के अपहरण की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार कान में तेल डालकर बैठी है.”
पूर्व मुख्यमंत्री ने नीतीश सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए और कहा, “छोटे दुकानदारों को उजाड़ा जा रहा है. कॉलेजों में शिक्षकों का वेतन और पेंशन बंद है. बीपीएससी का पेपर लीक हुआ, लेकिन सरकार ने जांच तक नहीं कराई. “राबड़ी देवी ने आरोप लगाया कि सरकार “गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की समस्याओं को हल करने की बजाय चुप बैठी है.”
अपने संबोधन में राबड़ी देवी ने कहा, “बिहार की जनता 15 साल पुरानी बातों को भूल चुकी है, लेकिन सत्ताधारी दल उसे बार-बार याद दिलाने में लगा हुआ है.” उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय बिहार को मिलने वाले फंड का जिक्र करते हुए कहा कि “हमने सड़कें और स्कूल बनाए, गरीब बच्चों को पढ़ाया, उनके बाल कटवाए और नहलाने तक का काम किया, लेकिन अब गरीबों के नाम पर सिर्फ राजनीति हो रही है.”



