


पंचकूला. 15वीं हॉकी इंडिया सीनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2025 के फाइनल में हॉकी झारखंड ने रोमांचक मुकाबले में गत विजेता हॉकी हरियाणा को 4-3 से हराकर खिताब अपने नाम किया. निर्धारित समय तक मैच 1-1 की बराबरी पर रहा, जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट में झारखंड ने जीत दर्ज की. हॉकी झारखंड के लिए प्रमोदनी लकड़ा (44′) ने गोल किया, जबकि हॉकी हरियाणा की कप्तान रानी (42′) ने अपनी टीम के लिए गोल किया.
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. हॉकी हरियाणा ने शुरुआती मिनटों में गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन हॉकी झारखंड ने भी कई अच्छे मौके बनाए. पहले क्वार्टर में झारखंड को एक पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन वे इसे गोल में तब्दील नहीं कर सके. दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों को एक-एक पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन हाफ टाइम तक कोई भी टीम स्कोर करने में सफल नहीं रही.
तीसरे क्वार्टर में मैच में रोमांच बढ़ा और दोनों टीमों ने गोल किए. 42वें मिनट में हॉकी हरियाणा को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे कप्तान रानी ने शानदार शॉट के जरिए गोल में बदल दिया. हालांकि, महज दो मिनट बाद हॉकी झारखंड ने जवाबी हमला किया और प्रमोदनी लकड़ा ने रक्षापंक्ति की गलती का फायदा उठाकर शानदार फील्ड गोल दाग दिया.
अंतिम क्वार्टर में दोनों टीमों ने विजयी गोल के लिए आक्रामक खेल दिखाया. 51वें मिनट में हरियाणा की रानी को डी के अंदर बेहतरीन मौका मिला, लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के ऊपर से निकल गया. निर्धारित समय में कोई भी टीम विजयी गोल नहीं कर सकी, जिससे मुकाबला पेनल्टी शूटआउट में पहुंचा.
पेनल्टी शूटआउट में हॉकी झारखंड ने 4-3 से जीत दर्ज की. झारखंड की ओर से रजनी केरकेट्टा, निराली कुजूर, बिनिमा धन और कप्तान अलेबला रानी टोप्पो ने अपने प्रयासों को गोल में बदला. हरियाणा के लिए पिंकी, अन्नू और मनीषा ने शूटआउट में गोल किए, लेकिन झारखंड की गोलकीपर अंजलि भिंजिया ने दो अहम बचाव किए और अपनी टीम को चैंपियन बना दिया.
तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में हॉकी मिजोरम ने हॉकी महाराष्ट्र को 2-1 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया. हॉकी मिजोरम के लिए देविका सेन (6′) ने पहला गोल किया, जिससे उनकी टीम ने मैच में बढ़त बनाई. हालांकि, हॉकी महाराष्ट्र की अश्विनी कोलेकर ने बराबरी का गोल दागा. लेकिन, अंतिम समय में हॉकी मिजोरम की मanju चौरसिया ने 59वें मिनट में निर्णायक फील्ड गोल करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाई और कांस्य पदक दिलाया.



