


New Delhi. भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2024-25 में माल ढुलाई में 1.68 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की. वित्त वर्ष के दौरान रेलवे की माल ढुलाई 2023-24 के 159 करोड़ 6.8 लाख टन के मुकाबले 161 करोड़ 73.8 लाख टन हो गई. रेल मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी. रेल मंत्रालय ने बयान में कहा कि घरेलू कोयले की ढुलाई में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि घरेलू कंटेनरों में 19.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. उर्वरक ढुलाई में 1.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. क्षेत्रीय रेलवे द्वारा प्राप्त लोडिंग के संदर्भ में, पूर्वी रेलवे ने 16.11 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की, जबकि दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे ने 7.28 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई.
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने 4.21 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ऊपर की ओर रुझान दर्ज किया. अन्य क्षेत्रों जैसे उत्तर रेलवे, पूर्व मध्य रेलवे और दक्षिण मध्य रेलवे ने क्रमशः 3.89 प्रतिशत, 2.82 प्रतिशत और 2.14 प्रतिशत दर्ज की. दक्षिण पूर्व रेलवे (एसइआर) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए अपनी पिछली उपलब्धियों को पीछे छोड़ दिया है. इस वर्ष एसइआर ने 212.37 मिलियन टन की रिकॉर्ड माल ढुलाई की है, जो अब तक का सर्वोच्च माल लदान प्रदर्शन है. माल ढुलाई से 18,949.83 करोड़ रुपये (लगभग) का राजस्व सृजन किया है. 349 दिनों में 200 मिलियन टन अब तक की सबसे तेज़ लोडिंग की गयी.



